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बिहार चुनाव: जीतन राम मांझी के एनडीए में जाते ही प्रदेश अध्यक्ष ने की बग़ावत, चिराग़ पासवान के तेवर भी हुए गरम

जीतनराम मांझी महागठबंधन का साथ छोड़ एनडीए में शामिल हो गए हैं। इसी के साथ बिहार में सियासी बाजार गरम हो गया है। HAM के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ने मांझी के इस कदम का विरोध किया है और महागठबंधन में ही रहने की बात कही है।

Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: September 3, 2020 10:49 AM
Bihar Election: जीतनराम मांझी के एनडीए में शामिल होने से चिराग़ पासवान नाराज़।

बिहार चुनाव में अब ज्यादा वक़्त नहीं बचा है। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने गठबंधन को मजबूत करने में जुटे हैं। इसी बीच राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी महागठबंधन का साथ छोड़ एनडीए में शामिल हो गए हैं। इसी के साथ बिहार में सियासी बाजार गरम हो गया है। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ने मांझी के इस कदम का विरोध किया है और महागठबंधन में ही रहने की बात कही है। वहीं मांझी के एनडीए में आने से एलजेपी की नाराजगी और बढ़ गई है और अब पार्टी जेडीयू के खिलाफ अपने उम्मीदवार खड़े कर सकती है।

‘हम’ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र प्रसाद के अलावा नालंदा सीट से लोकसभा उम्मीदवार रहे अशोक आजाद ने भी मांझी के इस कदम की आलोचना की है। जिसके बाद पार्टी ने दोनों नेताओं को निष्कासित कर दिया है। इसपर महागठबंधन का दावा है कि एनडीए में लोजपा के साथ दलित वोट पर अब हम की भी दावेदार हो जाएगी। यह शंका ही लोजपा नेताओं के लिए संकट का सबब है। इससे एनडीए की मुश्किल बढ़ेगी और महागठबंधन की राह आसान हो जाएगी। मांझी के एनडीए में आते ही चिराग़ पासवान के तेवर भी गरम हो गए हैं।

लोजपा अब इस बात पर गंभीरता से विचार कर रही है कि विधानसभा चुनाव में वह जदयू के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतारे। इसके लिए 7 सितंबर को दिल्ली में संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एलजेपी इस बात से नाराज़ है कि मांझी को एनडीए में शामिल करने से पहले उचित फ्रंट पर बात क्यों नहीं की गई। पार्टी का आरोप है कि जेडीयू का मांझी को एनडीए में शामिल करने का फैसला एकतरफा है।

संसदीय बोर्ड की बैठक में लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान तमाम विषयों पर वरीय नेताओं के साथ मंथन करेंगे। जदयू से लगातार बढ़ती तल्खी के बीच पार्टी की यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है।

मांझी के एनडीए में शामिल होने के बाद बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पूर्व सीएम जीतनराम मांझी जी का महागठबंधन छोड़ना साबित करता है कि जेल से चलने वाली पार्टी दलितों-पिछड़ों का भला नहीं कर सकती। मांझी जी का एनडीए में स्वागत है। गठबंधन में उनके शामिल होने से और मजबूती मिलेगी।

वहीं मांझी ने दावा किया कि मुसहर समाज उनके इशारे पर अब मत करने लगा है। ऐसे में मगध प्रमंडल और नेपाल की सीमा से जुड़े सीमांचल के जिलों में बसी मुसहर समाज की बड़ी आबादी पर वे इस बार अपना प्रभाव छोड़ पाएंगे, इसी आशा के साथ वे एनडीए में शामिल हुए हैं। वैसे भी सीमांचल का मुसहर समाज परंपरागत रूप से भाजपा का वोटर रहा है।

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