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जेपी मूवमेंट के लड़ाका शरद यादव दूसरी बार टेकने जा रहे घुटने? तीन साल बाद कर सकते हैं जेडीयू में घर वापसी, अस्पताल में ही फोन पर पकी खिचड़ी!

साल 2017 में जदयू के भाजपा के साथ मिलकर बिहार में सरकार बनाने के बाद शरद ने पार्टी छोड़ दी थी। वह, राजद और कांग्रेस वाले महागठबंधन में शामिल हो गए थे।

शरद यादव पिछले एक महीने से अस्पताल में भर्ती थे। (फाइल फोटो)

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले जेपी आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले शरद यादव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। खबर है कि शरद यादव फिर से जनता दल यूनाइटेड में शामिल हो सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो यह तीन साल बाद उनकी घर वापसी होगी। वहीं, राजनैतिक विश्लेषक इसे ‘घुटने टेकने’ की संज्ञा दे रहे हैं। इससे पहले बिहार के दो यादव नेताओं लालू यादव और शरद यादव के बीच करीब दो दशक तक राजनैतिक अदावत बनी रही थी।

साल 2017 में शरद ने पहली बार घुटने टेकते हुए लालू की पार्टी राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन में शामिल होना स्वीकार किया था। साल 2017 में जदयू के भाजपा के साथ मिलकर बिहार में सरकार बनाने के बाद शरद ने पार्टी छोड़ दी थी। मई 2018 में उन्होंने अपनी नई पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल का गठन किया था। इसके बाद 2019 में उन्होंने राजद के टिकट पर मधेपुरा से लोकसभा चुनाव भी लड़ा जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

खबर है कि पिछले कुछ दिन में जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेताओं समेत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी शरद यादव से बात की है। इसके बाद से उनकी पार्टी में वापसी की अटकलें तेज हो गई हैं। शरद यादव पिछले एक महीने से बीमार चल रहे थे। उन्हें पिछले रविवार को ही अस्पताल से छुट्टी मिली है। इस दौरान राजद की तरफ से भी उनको खास तव्वजो नहीं दी गई। माना जा रहा है कि पार्टी में वापसी को लेकर बातचीत अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान हुई।

जदयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने शरद यादव से अस्पताल में ही भर्ती रहने के दौरान बातचीत की थी। त्यागी को शरद यादव का करीबी माना जाता है। इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के अनुसार त्यागी ने ही शरद यादव की पत्नी और मुख्यमंत्री के बीच बातचीत कराई। इसके बाद खुद शरद यादव ने नीतीश कुमार से बातचीत की।

इस बातचीत को नीतीश कुमार की तरफ से कैबिनेट मंत्री बिजेंद्र प्रसाद ने आगे बढ़ाया। हालांकि शरद यादव की जदयू में वापसी को लेकर न पार्टी नेता इनकार ही कर रहे हैं और ना ही स्वीकार कर रहे हैं। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन यह कह चुके हैं कि शरद यादव यदि पार्टी में आते हैं तो इससे किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए। शरद यादव पुराने समाजवादी हैं और वह महागठबंधन में सहज महसूस नहीं कर रहे हैं।

शरद यादव के जदयू में वापसी के कई कारण बताए जा रहे हैं। यादव के करीबी लोगों का कहना है कि एक कारण राज्यसभा में वापसी हो सकता है। इससे उन्हें दिल्ली में अपना आधिकारिक आवास बरकरार रखने में मदद मिलेगी। यादव का साल 2017 में अयोग्य घोषित कर दिया गया था। उन्होंने खुद को अयोग्य घोषित किये जाने को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। यह मामला अभी भी लंबित पड़ा हुआ है।

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