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Bihar Elections 2020: महागठबंधन से अलग हुई RLSP, उपेंद्र कुशवाहा ने मायावती की BSP के साथ बनाया नया मोर्चा

कुशवाहा ने अपने एक बयान में कहा था कि तेजस्वी यादव चुनाव में नीतीश कुमार का मुकाबला करने की क्षमता नहीं है। इसके बाद से ही कुशवाहा के राजद नीत महागठबंधन को छोड़ने की चर्चाएं चल रहीं थी।

उपेन्द्र कुशवाहा ने महागठबंधन का साथ छोड़ा। (फाइल फोटो)

रालोसपा प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा ने महागठबंधन का साथ छोड़ दिया है। आज पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका ऐलान किया। महागठबंधन का साथ छोड़ने के साथ ही कुशवाहा ने बसपा के साथ मिलकर राज्य में एक नया मोर्चा बनाने का भी ऐलान किया है। बता दें कि कुशवाहा ने अपने एक बयान में कहा था कि तेजस्वी यादव चुनाव में नीतीश कुमार का मुकाबला करने की क्षमता नहीं है। इसके बाद से ही कुशवाहा के राजद नीत महागठबंधन को छोड़ने की चर्चाएं चल रहीं थी।

इस दौरान कुशवाहा दिल्ली भी गए और उनके फिर से एनडीए में शामिल होने को लेकर चर्चाएं शुरु हो गई थीं। हालांकि एनडीए में भी उनकी एंट्री नहीं हो सकी। जिसके बाद वह कई छोटी पार्टियों के संपर्क में बताए जा रहे थे और कहा जा रहा था कि उपेन्द्र कुशवाहा इन पार्टियों के साथ मिलकर तीसरे मोर्चे का गठन कर सकते हैं। फिलहाल कुशवाहा ने मायावती के नेतृत्व वाली बसपा के साथ गठबंधन का ऐलान किया है।

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, उपेन्द्र कुशवाहा चाहते थे कि महागठबंधन उन्हें बतौर सीएम उम्मीदवार प्रोजेक्ट करे लेकिन राजद इसके लिए तैयार नहीं थी। इतना ही नहीं राजद कुशवाहा की पार्टी को 10-12 सीटों से ज्यादा देने को भी तैयार नहीं थी। ऐसे में माना जा रहा है कि यही वजह रही कि कुशवाहा ने महागठबंधन से अपने रास्ते अलग कर लिए।

सूत्रों के अनुसार, उपेन्द्र कुशवाहा जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव, एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के चीफ ओम प्रकाश राजभर के भी संपर्क में हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ये पार्टियां एकजुट होकर चुनाव लड़ सकती हैं।

इन पार्टियों के वोट शेयर की बात करें तो बीते विधानसभा चुनाव में बसपा को 2.07 प्रतिशत वोट मिले थे। सासाराम, बक्सर और औरंगाबाद विधानसभा सीटों पर बसपा का कुछ प्रभाव है। पिछले चुनाव में राज्य की 12 सीटों पर 10,000-20,000 वोट पाने में सफल रही थी।

 

वहीं रालोसपा का वोटबैंक कोरी समुदाय है, जो कि बिहार की कुल जनसंख्या का 8 फीसदी है। जनअधिकार पार्टी ने पिछले चुनाव में 1.35 फीसदी वोट पाए थे। वहीं एआईएमआईएम तो बिहार में अपना खाता भी खोल चुकी है और पार्टी ने किशनगंज उपचुनाव में जीत दर्ज की थी। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि ये पार्टियां एकजुट होकर कितने मतदाताओं को लुभा पाती हैं!

उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा है कि उनका गठबंधन राज्य की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगा। अभी नए गठबंधन का नाम नहीं रखा गया है। उन्होंने ये भी कहा कि बिहार का विकास चाहने वाले लोगों का गठबंधन में स्वागत है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजद और भाजपा पर हमला बोलते हुए कुशवाहा ने दोनों पार्टियों में सांठगांठ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजद की राजनीति को भाजपा कंट्रोल कर रही है। दोनों पार्टियों में कुछ रिश्ता है तभी दोनों गठबंधन से अलग विकल्प चाहती हैं।

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