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बिहार में चुनाव से पहले तनाव: दुर्गा विसर्जन के दौरान हिंसा में एक की मौत, कई जख्‍मी

पुलिस ने शुरुआती में आंसू गैस के गोले दागे, पर वे बेअसर साबित हुए थे। बाद में उन्हें हवाई फायरिंग करनी पड़ी। पुलिस का कहना है कि झड़प के दौरान कुछ लोगों ने हथियार इस्तेमाल किए थे।

munger, bihar election 2020, violenceबिहार के मुंगेर में भड़की हिंसा, एक की मौत। (इमेज सोर्स- ट्विटर/वीडियो ग्रैब इमेज)

Bihar Elections 2020 में पहले चरण के मतदान से ऐन पहले मुंगेर में सोमवार शाम हिंसा भड़क गई। मां दुर्गा के प्रतिमा विसर्जन के दौरान पत्थरबाजी और फायरिंग हुई। दरअसल, पूजा समितियों को 26 अक्टूबर की शाम तक विसर्जन करने के लिए कहा था लेकिन मंगलवार शाम पंडित दीन दयाल उपाध्याय चौक पर मूर्तियों का अंबार लग गया था। पुलिस ने इसी को लेकर इसी पर जल्द से जल्द विसर्जन के लिए कहा, जिस पर लोगों से बहस हो गई। देखते ही देखते पत्थरबाजी और फायरिंग भी हो गई, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई। वहीं, करीब 27 लोग जख्मी हुए हैं।

अंग्रेजी अखबार ‘HT’ के मुताबिक, मृतक 18 साल का था, जबकि घायल हुए 27 लोगों में 20 पुलिस वाले भी हैं। चश्मदीदों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि हिंसा को काबू करने के लिए पुलिस ने फायर किए थे, जिसके बाद दुर्गा प्रतिमा विसर्जन करने वालों और कोतवाली पुलिस कर्मचारियों में जोरदार बहस हुई। पुलिस ने शुरुआत में आंसू गैस के गोले दागे, पर वे बेअसर साबित हुए थे। बाद में उन्हें हवाई फायरिंग करनी पड़ी। पुलिस का कहना है कि झड़प के दौरान कुछ लोगों ने हथियार इस्तेमाल किए थे।

दुर्गा विसर्जन समिति के सदस्य प्रकाश भगत का कहना है कि 53 से ज्यादा दुर्गा प्रतिमाएं विसर्जित की जानी थी। इनमें से 15 प्रतिमाएं दीनदयाल चौक पर गंगा में विसर्जित कर दी गईं थी। पारंपरिक तौर पर दुर्गा प्रतिमा विजयदशमी के तीन दिन बाद विसर्जित की जाती हैं लेकिन इस बार प्रशासन ने चुनाव के चलते मंगलवार पांच बजे तक ही मूर्ति विसर्जन की अनुमति दी है।

खबर के अनुसार, दुर्गा पूजा का आयोजन करने वाली समितियां डीजे के साथ नाचते गाते आधी रात को मूर्ति विसर्जन के लिए जा रहीं थी। लेकिन रात 11.50 के करीब हालात उस समय बिगड़ गए जब पुलिस ने कथित तौर पर दुर्गा प्रतिमा को विसर्जन के लिए लेकर जा रहे चार लोगों को पीट दिया। इससे लोगों का गुस्सा भड़क गया और पूजा समितियों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।

इसके बाद वहां पत्थरबाजी शुरू हो गई और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए 15 राउंड हवा में फायरिंग की और आंसू गैस के गोले छोड़े।

मुंगेर एसपी लिपि सिंह ने अखबार से कहा- भीड़ ने पत्थरबाजी और फायरिंग की थी, जिसके बाद एक शख्स की जान चली गई। घायल हुए 27 लोगों में 20 पुलिसवाले भी हैं। मुंगेर में हिंसा की यह घटना ऐसे वक्त हुई है जब बिहार में बुधवार को पहले चरण के लिए मतदान होना है।

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