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बिहार चुनाव: नहीं चला नीतीश का इमोशनल कार्ड, जहां खेला था अंतिम चुनाव का दम वहां 8.5% वोट कम

नीतीश कुमार ने साल 1977 में अपना पहला चुनाव लड़ा था। वह कई बार लोकसभा के सांसद रहे और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री भी रहे।

jdu leader nitish kumarबिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। (पीटीआई)

बिहार के सीएम और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार ने गुरुवार को चुनाव प्रचार के दौरान ‘इमोशनल’ कार्ड खेलते हुए कहा था कि ये उनका आखिरी चुनाव है। उन्होंने पूर्णिया के धमदाहा में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘आज चुनाव प्रचार का अंतिम दिन है। परसों मतदान है और यह मेरा अंतिम चुनाव है। अंत भला तो सब भला।’

राज्य में शनिवार को अंतिम चरण के मतदान के बाद चुनाव आयोग के आंकड़े और एग्जिट पोल से नहीं लगता कि सीएम नीतीश के इमोशनल कार्ड का जनता पर अधिक प्रभाव पड़ा। नीतीश कुमार ने जिस विधानसभा क्षेत्र में ये बात कही वहां मतदान पिछले चुनाव की तुलना में आठ फीसदी से ज्यादा कम रहा। हालांकि कोरोना वायरस महामारी इसकी एक वजह मानी जा सकती है।

चुनाव आयोग के अनुसार धमदाहा में साल 2015 में 65.28 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। शनिवार को मतदान में सिर्फ 56.80 फीसदी लोगों मतदान किया। पिछले चुनाव के हिसाब से ये संख्या 8.48 फीसदी कम है। बता दें कि जनता से बिहार के विकास के लिए एनडीए को वोट देने की अपील करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि था राज्य की पहले की स्थिति और आज की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य को अभी विकास के नए आयाम तय करने हैं और इसके लिए एनडीए के पक्ष में मतदान जरूरी है।

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मुख्यमंत्री ने कहा था, ‘जब हमें काम करने का मौका मिला, तब हमने कहा था कि न्याय के साथ विकास किया जाएगा। हमने अपना वादा पूरा किया। हमने किसी की भी उपेक्षा नहीं की, सबको साथ ले कर चले, सबका विकास किया। आगे मौका मिला तो राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।’

नीतीश कुमार ने कहा, ‘हमने तो सिर्फ काम किया है, और मौका मिलेगा तब हर समुदाय और हर क्षेत्र के लोगों की बेहतरी के लिए काम करते रहेंगे।’ हालांकि बिहार विधानसभा चुनाव से संबंधित शनिवार को आए कई एग्जिट पोल के अनुसार आरजेडी नीत विपक्षी महागठबंधन को सत्तारूढ़ एनडीए पर बढ़त मिलती दिख रही है। कम से कम तीन एग्जिट पोल में महागठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने का अनुमान लगाया गया है।

गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने साल 1977 में अपना पहला चुनाव लड़ा था। वह कई बार लोकसभा के सांसद रहे और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री भी रहे। नीतीश कुमार साल 2005 से बिहार के मुख्यमंत्री हैं।

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