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बिहार चुनाव: NDA से निकल कर किंगमेकर बनने का है चिराग का प्लान, महीनों पहले शुरू कर दिया था नीतीश का विरोध!

नीतीश कुमार की आलोचना के बाद एनडीए गठबंधन से बाहर निकलते हुए और फिर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की प्रशंसा करते हुए लोक जनशक्ति पार्टी ने विधानसभा चुनावों में किंगमेकर बनने के संकेत दिये हैं।

Author Translated By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: October 5, 2020 9:50 AM
chirag paswan, LJP, NDABihar election 2020: लोक जनशक्ति पार्टी ने विधानसभा चुनावों में किंगमेकर बनने के संकेत दिये हैं। (file)

बिहार में विधानसभा चुनावों की तारीख जैसे-जैस पास आ रही हैं। राज्य में सियासी पारा गरमाता जा रहा है। लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) ने रविवार को नई दिल्ली में एक बैठक के बाद बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव में अकेले जाने का निर्णय लिया है। नीतीश कुमार की आलोचना के बाद एनडीए गठबंधन से बाहर निकलते हुए और फिर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की प्रशंसा करते हुए लोक जनशक्ति पार्टी ने विधानसभा चुनावों में किंगमेकर बनने के संकेत दिये हैं।

एलजेपी अकेले चुनाव लड़ते हुए नीतीश के खिलाफ अपने उम्मीदवार खड़े करेगी और बीजेपी को इस गठबंधन में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने में मदद करेगी। एलजेपी ने 2015 के विधानसभा चुनावों में 243 सीटों में महज दो सीटें जीतीं थी। तब उन्हें 4.83 प्रतिशत वोट मिले थे। वहीं 2019 के लोकसभा चुनावों में मोदी लहर के चलते उन्हें सभी छह सीटों पर जीत मिली थी। इस बार 143 सीटों पर चुनाव लड़कर, एलजेपी जेडीयू वोटों में कटौती करके और भविष्य को ध्यान में रखते हुए बीजेपी के साथ अपना गठबंधन मजबूत करने की उम्मीद कर रही है।

एलजेपी के एक नेता ने कहा कि पार्टी नरेंद्र मोदी की छवि का उपयोग करते हुए 10-15 सीटें जीतने के बारे में सोच रही है। ताकि आने वाले समय में वे बीजेपी के साथ गठबंधन कर सके। सूत्र का कहना है कि अगर बीजेपी-जेडीयू गठबंधन चुनाव में 122 का सरल बहुमत हासिल करने में विफल रहे तो एलजेपी वहां बीजेपी का समर्थन कर किंगमेकर बन सकती है।

जेडीयू को उम्मीद है कि वह इस चुनाव में 2010 को दोहरा सकती है, तब भाजपा के साथ गठबंधन करके उन्होने 243 सीटों में से 206 सीटें जीतीं थी। एलजेपी के एनडीए के अलग होने से ज्डु को कम से कम एक दर्जन सीटों का नुकसान हो सकता है। वहीं एलजेपी के इस फैसले के बाद महागठबंधन बीजेपी-जेडीयू गठबंधन पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ेगी।

भाजपा हमेशा गठबंधन में दूसरी पार्टी रही है – जेडीयू के 69 की तुलना में निवर्तमान सदन में उसकी 53 सीटें हैं। एलजेपी 143 सीटों पर चुनाव लड़ेगा। ये सभी उम्मीदवार जेडीयू द्वारा लड़ी जा रही प्रत्येक सीट पर खड़े होंगे। हालांकि यह तय नहीं किया गया है कि भाजपा जिन सीटों पर चुनाव लड़ रही है, वहां क्या करना है। पार्टी के प्रवक्ता अशरफ अंसारी ने कहा “कई सीटें ऐसी हैं जहां जीत का अंतर 5,000 से 10,000 के बीच है। वहां हम जेडीयू को चोट पहुंचा सकते हैं और तीन-तरफा लड़ाई में अच्छी संख्या जीत सकते हैं।”

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