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बिहार चुनाव: मोदी के सामने भाजपाइयों में मारपीट, पुलिस ने सुरक्षित निकाला; प्रदेश अध्यक्ष के दफ़्तर में कैद हुए कांग्रेस नेता

लखीसराय से बड़ी संख्या में लोग मंत्री विजय कुमार सिन्हा की शिकायत लेकर भाजपा दफ्तर पहुंचे थे। कार्यकता मंत्री का टिकट काटने की मांग कर रहे थे और लखीसराय से किसी नए चेहरे को टिकट देने की मांग कर रहे थे।

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: September 28, 2020 9:36 AM
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बिहार विधानसभा में अब मात्र एक महीने का वक़्त बचा है। ऐसे में सभी नेता टिकट के लिए एड़ी चोटी का ज़ोर लगा रहे हैं। ऐसे ही कुछ फरियादी भाजपा दफ्तर में रविवार को टिकट के लिए आपस में भिड़ गए। इस दौरान वहां बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी भी मौजूद थे। टिकटार्थियों ने हंगामा करते हुए मोदी को घेर लिया। बाद में उन्हें वहां से बाहर निकालने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी।

लखीसराय से बड़ी संख्या में लोग मंत्री विजय कुमार सिन्हा की शिकायत लेकर भाजपा दफ्तर पहुंचे थे। कार्यकता मंत्री का टिकट काटने की मांग कर रहे थे और लखीसराय से किसी नए चेहरे को टिकट देने की मांग कर रहे थे। पार्टी की रूटीन बैठक के बाद जब डिप्टी सीएम जाने लगे तो लोगों ने उन्हें घेर लिया। लोग उनकी गाड़ी के सामने खड़े हो गए और नारे लगाने लगे। मोदी ने उन्हें समझने की कोशिश की। लेकिन वे लोग नहीं माने और उनके बाॅडीगार्ड से उलझने लगे।

इस दौरान वहां संगठन महामंत्री नागेन्द्रजी भी मौजूद थे। नागेन्द्रजी ने भी लोगों को समझने का प्रयास किया। लेकिन तभी वे लोग नहीं माने और नारे लगते रहे। तभी दफ्तर में मौजूद भाजपा कार्यकर्ता भी वहां आ गए जिसके बाद वे लोग आपस में भिड़ गए और मारपीट करने लगे। हालांकि बाद में नागेन्द्रजी ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया।

ऐसा ही कुछ कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में भी हुआ। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टिकट के लिए जमकर हंगामा किया। जिसके बाद पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरमैन अविनाश पांडेय को प्रदेश अध्यक्ष के कमरे में कैद होना पड़ा। इस दौरान टिकटार्थियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई और एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारे भी लगाए गए।

थोड़ी देर के बाद पांडेय किसी तरह बाहर निकले और 70-80 मजबूत सीटों पर उम्मीदवारों की सूची लेकर दिल्ली लौट गए। जाते-जाते अधिक से अधिक सीट लेने की प्रेशर पॉलिटिक्स में अपने दोनों सहयोगियों की उपस्थिति में उन्होंने कहा-हम दोनों विकल्प को साथ लेकर चल रहे हैं। हम गठबंधन के साथ भी चुनाव लड़ सकते हैं और अकेले भी।

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