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बिहार: ‘गुंडा रजिस्टर’ अपडेट नहीं होने पर बिफरे DGP, 282 इंसपेक्टर, सब इंसपेक्टर का किया तबादला, 400 दागी थानेदारों पर गाज

इन दागी पुलिस अधिकारियों को थानेदारी से वंचित किए जाने के बाद ज़िलों के कई थानों में अधिकारियों का अकाल पड़ गया है। कई थाने बगैर स्थाई थानेदार के चल रहे थे।

बिहार के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय (फोटो सोर्स ; Twitter)

राज्य के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडे ने ज़िलों के “गुंडा रजिस्टर” अपडेट न रहने की वजह से अपनी नाराजगी जताई है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए राज्य के आईजी, डीआईजी और पुलिस अधीक्षकों से हुए संवाद के दौरान कइयों को फटकार भी लगाई। और कहा कि डीजीपी पद पर आए छह माह गुजरने के बाद गुंडा रजिस्टर को अपडेट करने की कई दफा हिदायत दी गई। बावजूद इसके सुस्ती बरती जा रही है । जो अब बर्दाश्त के बाहर है। यदि इसे जल्द अद्यतन न किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसा वीडियो कांफ्रेंसिंग में मौजूद एक आला पुलिस अधिकारी ने बताया।

साथ ही आने वाले महीनों में मुहर्रम, दुर्गापूजा, दिवाली, छठ बगैरह त्योहार के मद्देनजर 157 इंस्पेक्टर और 125 सब-इंस्पेक्टर रैंक के पुलिस अधिकारियों का तबादला अपराध अनुसंधान, विशेष शाखा (सीआईडी) और ज़िलों से दूसरे ज़िलों में किया गया है। शुक्रवार को जारी सूची में हाल में थानेदारी से हटाए गए करीब चार सौ दागी पुलिस अधिकारियों में से कइयों के नाम है जिन्हें ज़िलों से हटाकर अपराध अनुसंधान और सीआईडी महकमा में तैनाती की गई है।

दरअसल इन दागी पुलिस अधिकारियों को थानेदारी से वंचित किए जाने के बाद ज़िलों के कई थानों में अधिकारियों का अकाल पड़ गया है। कई थाने बगैर स्थाई थानेदार के चल रहे थे। और अपराधों को काबू में करने के अलावे त्योहारों पर अमन चैन बनाए रखने की दिक्कत एसपी व एसएसपी महसूस कर रहे है। इसी के बाबत हटाए गए थानेदारों के बदले दूसरे अधिकारियों की तैनाती का दबाव पुलिस मुख्यालय को पत्र भेज बनाए हुए थे।

भागलपुर के एसएसपी आशीष भारती ने भी इसी तरह का पत्र लिखा था। भागलपुर में भी तैनाती की सूची जारी हुई है। मगर जितने हटाए गए उससे कम। ऐसे में अधिकारियों की कमी अब भी बरकरार है। भागलपुर से सात इंस्पेक्टर रैंक के थानेदार केदारनाथ सिंह, भूपेंद्र नारायण सिंह, रामइकबाल प्रसाद यादव, केदारनाथ सिंह, मो. जनिफुउद्दीन, सत्येंद्र सिंह, वेदनाथ पाठक वैदिक और अनिल कुमार हटाए गए थे। इन सबका तबादला अपराध अनुसंधान और विशेष शाखा में किया गया है।

इधर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने अपने मातहत आईपीएस अधिकारियों से कहा कि गुंडा रजिस्टर अद्यतन करने से यह पता लग जाता है कि इलाके में कितने और कौन सक्रिय गिरोह है। ताकि योजनाबद्ध तरीके से एक-एक को निशाने पर ले कार्रवाई की जा सके। मिसाल के तौर पर उन्होंने बताया कि वैशाली में दिलीप सिंह और पूरबी चंपारण में साहनी गिरोह बेहद सक्रिय है।

गया पुलिस रेंज के तहत जहानवाद, औरंगाबाद, अरवल, नवादा और गया ज़िला है। जहां राज्य के दूसरे ज़िलों के मुकाबले हत्या के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए। वहीं मुजफ्फरपुर पुलिस रेंज में लूट और डकैती के सबसे अधिक कांड हुए है। बीते 24 घंटे में यहां लूट की तीन वारदातें हुई है। जिसमें 32 लाख रुपए लुटे गए। यह इलाका तिरहुत पुलिस रेंज में आता है। और इसके तहत वैशाली, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, और शिवहर ज़िले है। डीजीपी ने इन ज़िलों के पुलिस अधिकारियों को साफ तौर पर चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अपराध काबू में न कर पाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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