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बिहारः कोरोना के बीच दरभंगा में 24 घंटों में 4 बच्चों की मौत से हड़कंप! DMCH सुप्रिटेंडेट बोले- निमोनिया और खून की थी कमी

पिछले 24 घंटे के अंदर 4 बच्चों की हुई मौत ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।

बिहार के दरभंगा मेडिकल कॉलेज में पिछले 24 घंटे में 4 बच्चे की मौत हो गई जिसमें से एक बच्चा कोरोना संक्रमित भी पाया गया था। (फोटो- एएनआई)

कोरोना महामारी के बीच बिहार के दरभंगा से एक चिंतित करने वाली खबर सामने आई है। दरभंगा के सरकारी मेडिकल कॉलेज में बीते 24 घंटे में 4 बच्चों की मौत हो गई। चार बच्चों में से एक बच्चा कोरोना संक्रमित पाया गया है। अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि बाकी तीन बच्चों में निमोनिया की शिकायत थी। अस्पताल प्रशासन ने बच्चों के शव को कोविड प्रोटोकॉल के तहत सौंपा है।

दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चार बच्चों की मौत पर अस्पताल के अधीक्षक डॉ मणिभूषण शर्मा ने कहा है कि बच्चों की मौत हृदय गति रुकने से हुई है। साथ ही अस्पताल के अधीक्षक ने कहा कि तीन बच्चों में निमोनिया जैसे लक्षण भी थे और उनकी हालत काफी गंभीर थी। पहले से भी बच्चों को कई तरह की बीमारी थी. अस्पताल के मुताबिक 4 में से 3 बच्चों को खून की कमी भी थी। 

इसके अलावा अस्पताल प्रशासन ने कहा कि पहले से भी बच्चों का इलाज पटना के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। लेकिन ज्यादा तबीयत बिगड़ने के बाद दरभंगा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया. यहां बच्चों को आईसीयू में एडमिट किया गया था। लेकिन मामला गंभीर होने के कारण और उचित इलाज देने के बाद भी बच्चे को बचाया नहीं जा सका। साथ ही उन्होंने कहा कि एक 2.5 साल का बच्चा कोरोना संक्रमित भी पाया गया था। 

पिछले 24 घंटे के अंदर 4 बच्चों की मौत होने पर प्रशासन सकते में आ गया है। साथ ही बच्चों की मौत ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने देश में तीसरी लहर आने की आशंका जताई थी और कहा था कि उस लहर में सबसे ज्यादा बच्चे ही चपेट में आएंगे। हालांकि एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने ऐसी संभावनाओं ने इंकार किया था।

बच्चों की मौत को लेकर बिहार में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. तेजस्वी यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि दरभंगा मेडिकल कॉलेज & हॉस्पिटल पर भी दो शब्द व्यक्त कर दीजिए। देश-दुनिया ने आपके कर-कमलों से हुई DMCH की दुर्दशा देखी है। साथ ही यह भी बता दीजिए विगत वर्ष असंख्य कष्ट उठाकर पैदल आने वाले प्रवासी श्रमवीर भाईयों की रिकॉर्ड संख्या क्या थी? बस यह तुलनात्मक आंकड़े उपलब्ध करवा दिजीए।

वहीं पिछले साल हरियाणा के गुरुग्राम से साइकिल चलाकर 1200 किलोमीटर की दूरी तय कर बिहार के दरभंगा पहुंचने वाली ‘साइकिल गर्ल’ ज्योति कुमारी के पिता मोहन पासवान का निधन हो गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ज्योति के पिता का निधन हार्ट अटैक की वजह से हुआ है। ज्योति पिछले साल कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान अपने पिता को साइकिल पर बिठाकर दरभंगा लाई थी।  

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