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पटना में 15 साल पुराने डीजल वाहनों को प्रतिबंधित करने का निर्देश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना शहर में पर्यावरण प्रदूषण को कम करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश देते हुए निर्देश दिया है कि इस शहर में 15 साल से अधिक के डीजल वाहनों को प्रतिबंधित किया जाए..

Author पटना | December 24, 2015 11:30 PM
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना शहर में पर्यावरण प्रदूषण को कम करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश देते हुए निर्देश दिया है कि इस शहर में 15 साल से अधिक के डीजल वाहनों को प्रतिबंधित किया जाए। पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में बुधवारको पर्यावरण व वन विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक करते हुए नीतीश ने पटना शहर में पर्यावरण प्रदूषण के तहत ध्वनि और वायु प्रदूषण की स्थिति पर चिंता जताई और इन्हें कम करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश प्रदूषण नियंत्रण पार्षद को दिया। उन्होंने ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी को प्राधिकृत करने की संभावनाओं पर विभाग को विचार करने का निर्देश दिया। वायु प्रदूषण को रोकने के लिए गंगा किनारे के सभी र्इंट-भट्ठों और पटना शहर के आसपास के र्इंट-भट्ठों पर नियमों की अवहेलना के आरोप में वैधानिक कार्रवाई करने का आदेश भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिया।

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मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिया कि ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए स्थानीय गाड़ी मालिकों और चालकों के बीच व्यापक जागरूकता फैलाने के लिए कार्रवाई की जाए। शहर में अनावश्यक रूप से सायरन, हूटर और हार्न बजाने पर रोक लगाने के लिए लोगों को शिक्षित करने के लिए अभियान चलाया जाए और पटना शहर में 15 साल से अधिक के डीजल वाहनों को प्रतिबंधित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि प्लास्टिक और अन्य ठोस कचरों का नगर निगम क्षेत्र में जलाने पर रोक लगाई जाए। सभी निर्माण कार्य को ढंककर रखने और बालू वाले ट्रक और ट्रैक्टर जो शहर में बालू गिराते हैं और धूल कण के रूप में वायु प्रदूषण का कारण बनते हैं, उसे ढंककर लाने के लिए निर्देशित किया जाए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह निर्देश दिया कि राष्ट्रीय डॉल्फिन सेंटर की स्थापना अगर पटना विश्वविद्यालय की जमीन पर नहीं हो सके तो इसकी स्थापना भागलपुर और सुलतानगंज के बीच की जाए। साथ ही निर्देश दिया कि कृषि वाणिकी योजना में किसानों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को पहले साल में दस रुपए, द्वितीय वर्ष में दस रुपए और तृतीय वर्ष में 15 रुपए किया जाए। राज्य में पोपुलर के बहुत ज्यादा पौधे लगाए जा रहे हैं, वर्तमान में इनकी बिक्री के लिए कोई बाजार उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि तत्काल हाजीपुर बाजार समिति की जमीन पर पोपुलर पौधों के लिए मंडी स्थापित की जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि वन कर्मियों और किसानों का प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केंद्र में भी कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पौधरोपण में बरगद, पीपल, पाकड के साथ-साथ फलदार पौधे के रूप में जामुन, आम, बेर इत्यादि के पौधे लगाए जाएं। राज्य में बंदरों के प्रकोप को देखते हुए इस पर नियंत्रण लिए कारगर कार्रवाई की जाए। हाथी पुनर्वास केंद्र की स्थापना में ऐसे प्रशिक्षित व्यक्तियों को रखा जाए, जो हाथी के बारे में पूरी जानकारी रखते हों और मस्त हाथी को नियंत्रित करने में सक्षम हों।

बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा पर्यावरण व वन मंत्री तेज प्रताप यादव, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, विकास आयुक्त शिशिर सिन्हा, वित्त विभाग के प्रधान सचिव रवि मित्तल, पर्यावरण व वन विभाग के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव चंचल कुमार और अतीश चंद्रा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉक्टर डीके शुक्ल, मुख्य वन्य प्राणी प्रतिपालक एसएस चौधरी, पर्यावरण व वन विभाग के उपसचिव रत्नेश झा सहित सभी संबंधित पदाधिकारी मौजूद थे।

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