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आठ साल पहले किए वादों का हिसाब मांगेंगे सीएम नीतीश तो क्‍या कहेंगे? जवाब ढूंढने में अफसर परेशान

साल 2009 में हुई मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विकास यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं का ही काम अभी तक अधूरा है या फिर शुरू भी नहीं हुआ है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। (Photo: PTI)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की संभावित यात्रा के मद्देनजर भागलपुर जिला प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। साल 2009 में हुई मुख्यमंत्री की विकास यात्रा के दौरान उनकी की गई घोषणाओं का ही काम अधूरा है या फिर शुरू भी नहीं हुआ है। मंगलवार को जिला पदाधिकारी आदेश तितमारे ने अपने मातहत अधिकारियों के साथ दिनभर इस बाबत बैठक की। बैठक में उन्होंने गांवों के लिए की गई उनकी घोषणाओं पर फौरन अमल करने और काम पूरा करने की हिदायत दी। डीडीसी आंनद शर्मा खुद सुल्तानगंज के उदाहडीह गांव गए और कामों का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना ‘सात निश्चय’ की प्रगति पर उनकी यात्रा में ज्यादा जोर है। साथ ही शराबबंदी के साथ पूर्ण नशाबंदी, बाल विवाह पर रोक और दहेज प्रथा के खात्मे के खिलाफ सूबे में चल रही मुहिम की जमीनी हकीकत पर भी चर्चा होनी है। मुख्यमंत्री की यह 11वीं यात्रा है, जो 12 दिसंबर को शुरू हो चुकी है। चंपारण से इस यात्रा का श्रीगणेश किया गया। भागलपुर और बांका जिले में उनका दौरा 20-24 दिसंबर के बीच हो सकता है। वे हर बार की तरह इस दफा भी सूबे का भ्रमण करेंगे। इस बार की यात्रा का नाम ‘विकास-ए-समीक्षा’ रखा गया है।

इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जुलाई 2005 में न्याय यात्रा, जनवरी 2009 में विकास यात्रा, जून 2009 में धन्यवाद यात्रा, दिसंबर 2009 में प्रवास यात्रा, अप्रैल 2010 को विश्वास यात्रा, नवंबर 2011 में सेवा यात्रा, सितंबर 2012 में अधिकार यात्रा, मार्च 2014 संकल्प यात्रा, नवंबर 2014 को संपर्क यात्रा और नवंबर 2016 को निश्चय यात्रा पूरी कर चुके हैं। अबकी यात्रा का मकसद 2009 में की गई विकास घोषणाओं का हाल जानना है। ध्यान रहे कि मुख्यमंत्री भागलपुर जिले के उदाहडीह गांव पहले भी जा चुके हैं।

दिलचस्प बात है कि मुख्यमंत्री की यात्रा के तकरीबन आठ साल गुजर जाने के बाद भी पूरे गांव में पीने के पानी का इंतजाम नहीं हो सका है। यह बात जिलाधीश की समीक्षा बैठक के दौरान और डीडीसी के दौरे के दरम्यान सामने आई है। उदाहडीह के महादलित टोला में तो अभी तक पाइप ही नहीं बिछी है। पीएचईडी महकमा 20-25 लाख रुपए लघु जलापूर्ति योजना पर खर्च होने का अनुमान लगाया है। एक दो दिन में प्राक्कलन बनकर पेश करने की बात कही जा रही है।

डीएम ने बैठक में हर घर नल का जल, गली-गली पक्कीकरण, शौचालय निर्माण, कौशल विकास योजना, सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में मुफ्त वाई फाई योजना की समीक्षा की। बैठक में डीडीसी, एडीएम हरिशंकर प्रसाद समेत दूसरे अधिकारी भी मौजूद थे। उधर, डिवीजन के कमिश्नर राजेश कुमार ने अपने मातहत भागलपुर और बांका के आला अधिकारियों को मुख्यमंत्री के आने की तैयारियों के साथ लंबित पड़ी योजनाओं को पूरा करने की खास हिदायत दी है।

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