बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने को लेकर सहमति दे दी है। यह लगभग तय माना जा रहा है कि निशांत कुमार को जनता दल यूनाइटेड यानी जेडीयू की ओर से राज्यसभा भेजा जा सकता है।
इस मामले में नीतीश सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार का बयान सामने आया है।
श्रवण कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “होली की पूर्व संध्या पर मैं बिहार के लोगों के साथ एक अच्छी खबर साझा करना चाहता हूं। जेडीयू के भीतर और राज्य के युवाओं के बीच काफी समय से यह मांग उठ रही थी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत राजनीति में आएं। इसके लिए रास्ता साफ हो गया है और एक-दो दिन में औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या इंजीनियरिंग में स्नातक और 40 वर्ष की उम्र पार कर चुके निशांत को राज्यसभा के चुनाव में पार्टी के दो उम्मीदवारों में से एक बनाया जा सकता है, तो उन्होंने कहा, “कुछ भी संभव है। शीर्ष नेता बैठकर चर्चा करेंगे और एक-दो दिन में सब स्पष्ट हो जाएगा।”
यह खबर फैलते ही पटना स्थित जेडीयू के प्रदेश कार्यालय में जश्न का माहौल बन गया। कार्यालय की दीवारों पर पिछले कुछ समय से ऐसे पोस्टर लगे थे जिनमें पार्टी कार्यकर्ता नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार से नेतृत्व संभालने की मांग कर रहे थे। इस खबर के आते ही कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटी, एक-दूसरे को गुलाल लगाया और नारे लगाकर अपने नेता के बेटे के राजनीति में आने की खुशी जताई।
राज्य सरकार में मंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव अशोक चौधरी ने कहा, “यह बहुत अच्छी खबर है। निशांत अपने शालीन व्यवहार के कारण बिहार के लोगों में लोकप्रिय हैं। वे अपने पिता की तरह इंजीनियर हैं और कई मामलों में उनसे समानता रखते हैं।”
वंशवाद के सवाल पर चौधरी ने कहा, “हमारे नेता किसी अयोग्य संतान को पार्टी पर नहीं थोप रहे हैं। निशांत में एक अच्छा नेता बनने की पूरी क्षमता है और पार्टी ही चाहती थी कि वह राजनीति में आएं।”
बीजेपी ने किया स्वागत
सहयोगी दलों ने भी इसका स्वागत किया है। प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, “यदि नीतीश कुमार के पुत्र राजनीति में आते हैं तो यह अच्छी बात है। नयी पीढ़ी के नेतृत्व के उभरने का समय है।” कांग्रेस समर्थक निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा, “मैं नीतीश कुमार के निर्णय का स्वागत करता हूं। उन्हें अपने पुत्र को मुख्यमंत्री बना देना चाहिए क्योंकि वे अब उम्रदराज हो चुके हैं और स्वस्थ भी नहीं हैं।”
बिहार में राज्यसभा की कुल पांच सीटों के लिए 5 मार्च को चुनाव होगा।
तेजस्वी यादव लड़ेंगे राज्यसभा चुनाव?
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव राज्यसभा का चुनाव लड़ सकते हैं। यहां क्लिक कर पढ़िए पूरी खबर।
