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बिहार विधानपरिषद के नए सदस्‍यों का शपथ-ग्रहण: नीतीश और तेजस्‍वी आए सामने तो मुस्‍कुरा दिए

बिहार विधानपरिषद के नए सदस्यों को सोमवार (7 मई) को शपथ दिलाई गई। इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी समेत सभी नवनिर्वाचित विधान पार्षद पद और गोपनीयता की शपथ के लिए विधान परिषद के एनेक्सी भवन में पहुंचे थे...

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और बिहार के सीएम नीतीश कुमार। (PTI Photo)

बिहार विधानपरिषद के नए सदस्यों को सोमवार (7 मई) को शपथ दिलाई गई। इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी समेत सभी नवनिर्वाचित विधान पार्षद पद और गोपनीयता की शपथ के लिए विधान परिषद के एनेक्सी भवन में पहुंचे थे, जहां शाम चार बजे शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन हुआ। विधान परिषद के उपसभापति हारुन रशीद ने सभी नवनिर्वाचित विधान पार्षदों को शपथ दिलाई। लेकिन इस मौके की एक तस्वीर ने खासा ध्यान खींचा, जिसमें सीएम नीतीश कुमार और आरजेडी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव आमने सामने देखे जा रहे हैं। सिसायी मंचों पर दोनों एक-दूसरे पर निशाना साधने का कोई भी मौका भले ही नहीं चूकते हों, लेकिन एनेक्सी भवन में जब दोनों का आमना-सामना हुआ तो अभिवादन में हाथ जोड़ दोनों मुस्कुरा दिए। हालांकि तस्वीर में नीतीश कुमार तेजस्वी यादव के मुकाबले ज्यादा खुलकर मुस्कराते दिख रहे हैं। साथ में खड़े नेता भी अपने मुस्कान रोक नहीं पाए।

बता दें कि नवनिर्वाचित 11 विधान पार्षदों में छह सदस्य- संजय पासवान, प्रेमचंद मिश्रा, रामेश्वर महतो, खालिद अनवर, खुर्शीद मोहसिन और संतोष सुमन पहली बार विधान परिषद पहुंचे हैं। 11 विधान पार्षदों में जेडीयू, बीजेपी और आरजेडी के 3-3, कांग्रेस और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के एक-एक सदस्य हैं। एक विधायक वाली जीतन राम मांझी की पार्टी ‘हम’ को पहली बार विधान परिषद में एंट्री मिली है। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल था, लेकिन पिछले महीने वह कांग्रेस और राजद वाले महागठबंधन में शामिल हो गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश के नवनिर्वाचित विधानपरिषद सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार (8 मई) को होगा। समारोह विधानसभा के सेंट्रल हॉल में दोपहर 2 बजे शुरू होगा, जिसमें 13 सदस्य पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। पिछले महीने 19 अप्रैल को यूपी के विधान परिषद के चुनाव 13 उम्मीदवार निर्विरोध जीते थे। बीजेपी के 10, बीजेपी के सहयोगी अपना दल के 1 और सपा-बसपा की तरफ से 1-1 उम्मीदवार उतारा गया था, जिसमें संख्या बल के हिसाब से सभी उम्मीदवार जीत गए थे।

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