ताज़ा खबर
 

Bihar Board 10th Result 2019: परीक्षा के नतीजे 5 अप्रैल को नहीं आएंगे, ये है वायरल खबर का सच

Bihar Board BSEB 10th Result 2019, Sarkari Result 2019 at www.biharboard.ac.in, bsebssresult.com and biharboardonline.bihar.gov.in: बिहार स्कूल एजुकेशन बोर्ड (बीएसईबी) की तरफ से आयोजित 10वीं की परीक्षा को लेकर इंटरनेट पर बीएसईबी की तरफ से नतीजे घोषित किए जाने के लिए 5 अप्रैल की तारीख तय किए जाने की खबरें चल रही हैं।

BSEB 10th Result 2019: बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा के नतीजों से जुड़ी खबर फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

Bihar Board BSEB 10th Result 2019: देशभर में इन दिनों छात्रों को परीक्षाओं के नतीजों का इंतजार है। बिहार स्कूल एजुकेशन बोर्ड (बीएसईबी) की तरफ से आयोजित 10वीं की परीक्षा को लेकर भी छात्र बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में इंटरनेट पर बीएसईबी की तरफ से नतीजे घोषित किए जाने के लिए 5 अप्रैल की तारीख तय किए जाने की खबरें चल रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बिहार बोर्ड के अधिकारियों ने खुद इस तरह की खबरों का खंडन कर दिया। यानी फिलहाल नतीजों की तारीख को लेकर को पुख्ता जानकारी नहीं है। जानकारी के मुताबिक, छात्रों को कुछ और दिन का इंतजार करना पड़ सकता है।

National Hindi News, 4 April 2019 LIVE Updates: दिन भर की खबरों के लिए यहां क्लिक करें 

ऐसे देखें अपना रिजल्टः 2019 की परीक्षा में करीब 16.60 लाख छात्रों ने शिरकत की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि नतीजे जल्द जारी किए जाएंगे। नतीजे चेक करने के लिए आप ये स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं।
– सबसे पहले बीएसईबी की आधिकारिक वेबसाइट biharboard.online, bsebssresult.com, biharboardonline.bihar.gov.in, biharboard.ac.in या bsebinteredu.in. पर जाएं।
– होमपेज पर ‘class 10 2019 result’ के टैब पर क्लिक करें। इसके बाद एक नया पेज खुलेगा।
– रोल नंबर डालकर लॉग-इन करें। इसके बाद आप रिजल्ट देख पाएंगे।

12वीं करीब 80 फीसदी छात्र पासः उल्लेखनीय है कि रविवार (30 मार्च) को ही 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जारी किया गया था। 12वीं में 79.76 छात्रों को सफलता मिली थी। कला संकाय के 76.5 फीसदी, वाणिज्य संकाय के 93.02 फीसदी, विज्ञान संकाय 81.02 फीसदी छात्रों को सफलता मिली।

इस बार क्या था खासः कुछ साल पहले बिहार बोर्ड परीक्षा के टॉपर्स ने वहां की शिक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े किए थे। इससे सरकार की भी खासी किरकिरी हुई थी। इसलिए इस बार बिहार बोर्ड ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ओएमआर (ऑप्टिकल मार्क रीडर) और बार कोड स्कैनिंग की भी शुरुआत की थी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App