ताज़ा खबर
 

Bihar Elections 2020 के लिए Congress ने रवीश कुमार के भाई को दिया टिकट, विवादों में आ चुका है नाम; लोग बोले- शर्म की बात है…

ब्रजेश पांडेय बिहार कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। 2017 में उनका नाम दुष्कर्म मामले में जुड़ने के बाद कांग्रेस ने उनसे किनारा कर लिया था।

Ravish Kumar Ndtv Ravish Kumar journalistराहुल गांधी के साथ कांग्रेस उम्मीदवार और रवीश कुमार के भाई ब्रजेश पांडेय। (twitter/iAnkurSingh)

बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। इसमें पत्रकार रवीश कुमार के भाई ब्रजेश पांडेय को टिकट दिया गया है। कांग्रेस ने उन्हें मोतिहारी के गोविंदगंज से उम्मीदवार बनाया है। ब्रजेश पांडेय का कथित आपराधिक इतिहास होने के चलते उन्हें टिकट दिए जाने पर सोशल मीडिया यूजर्स ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। लेखक शेफाली वैद्य कहती हैं कि कितने शर्म की बात है कि कांग्रेस ब्रजेश पांडे जैसे लोगों को पसंद करती है। उन्होंने पत्रकार रवीश कुमार से सवालिया अंदाज में पूछा कि अब डर का माहौल नहीं है क्या?

लेखिका ने ट्वीट के साथ एक अन्य भी रिट्वीट किया है। इसमें अंकुर सिंह नाम के यूजर ने लिखा है कि रवीश कुमार के भाई और कांग्रेस नेता ब्रजेश पांडेय व उनके दोस्त निखिल पर एक नाबालिग दलित लड़की के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। ट्वीट में कहा गया कि बाद में मामले को निपटारे के लिए रेप पीड़िता को निखिल से विवाह करने के लिए मजबूर होना पड़ा। हाथरस में फोटो खिंचवाने के बाद राहुल गांधी ने ब्रिजेश पांडेय को टिकट दिया है।

ब्रजेश पांडेय बिहार कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। हालांकि 2017 में उनका नाम दुष्कर्म मामले में जुड़ने के बाद कांग्रेस ने उनसे किनारा कर लिया था। मगर अब प्रत्याशी की दूसरी लिस्ट में कांग्रेस ने उन्हें टिकट दिया है। इधर रवीश कुमार के भाई को टिकट दिए जाने पर सोशल मीडिया यूजर्स भी जमकर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

ट्विटर यूजर आदित्य जैन @AdityaJ91556934 लिखते हैं, ‘बहुत शर्मनाक है। ये रवीश कुमार की जातिवादी और पितृसत्तात्मक मानसिकता को भी उजागर करता है जो खुद को जातिवाद के खिलाफ सबसे बड़े योद्धा के रूप में प्रस्तुत करते हैं।’

अभिजात्य भारद्वाज @Abhijatyabhard1 लिखते हैं, ‘रवीश कुमार ज्ञान की नदियां बहा देते हैं लेकिन इनकी असलियत बहुत घिनौनी है। हर चीज़ पर सरकार को घेरना और लोगों को कहना तुम सो रहे हो। अब एक असलियत से जागे है।’ एक यूजर @_silkroute लिखते हैं, ‘इनकी जमानत जब्त हो जाएगी। सबको पता है पर रवीश की सेवाओं के बदले एक सीट की क़ुर्बानी क्या चीज़ है।’

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 Bihar Elections 2020: नहीं रहे कोरोना संक्रमित मंत्री कपिल देव कामत, शपथ के दौरान ठीक से नहीं पढ़ पाए थे लाइन; बहू को JDU ने बनाया कैंडिडेट
2 बिहार चुनाव: बीजेपी बनेगी सबसे बड़ी पार्टी? हर बार बढ़ा वोट प्रतिशत, 2015 में 24% वोट लाकर भी रही पीछे
3 बिहार चुनाव का जातीय गणित: 14% आबादी वाले यादव वर्ग के 91 उम्मीदवार, EBC है काफी अहम
IPL 2020 LIVE
X