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Bihar Elections 2020: पहली कैबिनेट में पहली कलम से देंगे 10 लाख युवाओं को रोजगार- तेजस्वी का ऐलान; 5 लाख 50 हज़ार नियुक्तियों की है जरूरत!

बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। चुनाव आयोग ने तीन चरणों में 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर को चुनाव कराने का निर्णय लिया है। नतीजे 10 नवंबर को आएंगे।

RJDआरजेडी नेता तेजस्वी यादव। (फाइल फोटो)

बिहार की प्रमुख विपक्षी पार्टी आरजेडी के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने दावा किया है कि राज्य में उनकी सरकार बनने पर तुरंत दस लाख लोगों को रोजगार दिया जाएगा। तेजस्वी ने रविवार (27 सितंबर, 2020) को कहा कि ‘पहली कैबिनेट में पहली कलम से बिहार के दस लाख युवाओं को नौकरी देंगे। बिहार में 4 लाख 50 हजार रिक्तियां पहले से ही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, गृह विभाग सहित अन्य विभागों में राष्ट्रीय औसत के मानकों के हिसाब से बिहार में अभी 5 लाख 50 हजार नियुक्तियों की अत्यंत आवश्यकता है।’

उन्होंने कहा कि मैं बिहार के युवाओं से कहना चाहता हूं कि जब RJD को मौका मिलेगा और जब सरकार बनेगी तो जो पहली कैबिनेट बैठक होगी उसमें पहले हस्ताक्षर से लगभग 10 लाख नौकरियां निकाली जाएगीं, ये हमारा वादा नहीं है बल्कि मज़बूत इरादा है। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त को हमने बेरोज़गारी का पोर्टल और एक टोल फ्री या मिस्ड कॉल नंबर जारी किया था उस बेरोज़गारी हटाओ पोर्टल में लगभग 9,47,324 बेरोज़गार युवा ने अपने बायोडाटा के साथ पंजीकृत किया है। वहीं मिस्ड कॉल नंबर पर 13,11,626 लोगों ने मिस्ड कॉल करके पंजीकृत किया।

आरजेडी नेता ने इसके अलावा राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब हम नीतीश कुमार के साथ सरकार में थे तो अपराध कम थे। उन्होंने कहा कि जब नीतीश एनडीए के साथ सरकार में गए तो अपराध बढ़ गए। बता दें कि बिहार में आरजेडी, कांग्रेस, वाम दल और अन्य पार्टियां साथ मिलकर चुनाव लड़ रही हैं। इधर भाजपा ने एनडीए (भाजपा-जेडीयू और अन्य पार्टियां) गठबंधन के एक बार फिर सत्ता में वापसी का दावा किया है।

बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। चुनाव आयोग ने तीन चरणों में 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर को चुनाव कराने का निर्णय लिया है। नतीजे 10 नवंबर को आएंगे। उल्लेखनीय है कि तेजस्वी यादव विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की एनडीए सरकार को लगातार घेरने में जुटे हैं। इससे पहले उन्होंने किसानों से जुड़े मुद्दे पर जुलूस निकाला था।

हालांकि तब तेजस्वी सहित उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव, जन अधिकार पार्टी (जाप) नेता राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और 150 अन्य लोगों के खिलाफ कृषि विधेयकों के विरोध में बिना अनुमति जुलूस निकालने को लेकर पटना शहर के कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई।

आरजेडी सहित कई किसान संगठनों और विपक्षी दलों ने संसद से पारित किए गए तीन कृषि विधेयकों को किसान विरोधी बताते हुए इसके खिलाफ राज्य की राजधानी में प्रदर्शन किया और जुलूस निकाला था। तेजस्वी ने इन विधेयकों को ‘किसान विरोधी और कृषि क्षेत्र का निजीकरण करने के उद्देश्य से लाया गया करार दिया था।’

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