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Bihar: चमकी बुखार का कहर जारी, पीड़ित बच्चों पर अब विकलांगता का खतरा

पटना एम्स की टीम द्वारा की गई इस स्टडी में पता चला है कि इस बीमारी की वजह से बच्चों के दिमाग पर असर पड़ रहा है।

बिहार में चमकी बुखार से कई बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है। फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

बिहार के मुजफ्फरपुर क्षेत्र में इनसेफेलाइटिस सिंड्रोम यानि चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों में अब विकलांगता का खतरा मंडरा रहा है। पटना एम्स के डॉक्टरों का कहना है कि जो बच्चे बुखार के खतरे से बाहर हैं, उनकी भी काउंसिलिंग जरूरी है। वरना वे विकलांग भी हो सकते हैं या किसी दिमागी बीमारी से जूझ सकते हैं। बता दें कि एम्स के कई डॉक्टर पिछले 3 साल से चमकी बुखार पर शोध कर रहे थे।

डॉक्टरों ने दी यह सलाह: डॉक्टरों के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग को हाईपोग्लेसीमिया, बुखार और कम पानी की वजह से बच्चों की होने वाली समस्या के बारे में प्लानिंग करनी चाहिए। साथ ही, बच्चों को इन दिक्कतों से निजात के लिए पीएचसी स्तर पर व्यवस्था करनी चाहिए। डॉक्टरों ने चमकी बुखार से ठीक हुए बच्चों की काउंसिलिंग पर भी जोर दिया, जिससे उन्हें विकलांगता से बचाया जा सके। बता दें कि बिहार का मुजफ्फरपुर जिला इस बीमारी के प्रकोप से जूझ रहा है।

तेज बुखार से दिमाग पर पड़ सकता है असर : पटना एम्स की टीम द्वारा की गई इस स्टडी में पता चला है कि इस बीमारी की वजह से बच्चों के दिमाग पर असर पड़ रहा है। चमकी बुखार के कारण उनके दिमाग का एक हिस्सा प्रभावित हो रहा है, जिससे ठीक होने के बाद भी करीब 90 प्रतिशत बच्चे विकलांग हो रहे हैं। पटना एम्स की रिपोर्ट में मुताबिक, ठीक होने के बाद भी चमकी बुखार का असर करीब ढाई महीने तक रहता है। ऐसे में डॉक्टरों ने राज्य सरकार को सुझाव दिया है कि इस प्रकोप से बचने के लिए स्पेशल प्लान बनाया जाए।

150 से अधिक बच्चों की मौतों के बाद वॉर्ड में लगे एसी-कूलर : बता दें कि बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में चमकी बुखार की वजह से अब तक करीब 150 बच्चों की मौत हो चुकी है। इसके बाद एसकेएमसीएच प्रबंधन हरकत में आया और वॉर्ड में कूलर व एसी लगवाए। साथ ही, मेडिकल स्टाफ को कड़े दिशा-निर्देश भी दिए। अब वॉर्डो में सफाई रखने के लिए मरीज के साथ सिर्फ एक परिजन को जाने देने के नियम का पालन सख्ती से किया जा रहा है।

24 जून को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई : मुजफ्फरपुर क्षेत्र में चमकी बुखार के इलाज के लिए केंद्र सरकार को तत्काल चिकित्सा विशेषज्ञों का दल गठित करने का निर्देश देने का आग्रह करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार (24 जून) को सुनवाई करेगा। यह याचिका अधिवक्ता मनोहर प्रताप के द्वारा दायर की गई हैं।

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