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एनकाउंटर में मारे गए आठ सिमी सदस्यों में से चार ने ली थी बिजनौर में बम बनाने की ट्रेनिंग

सोमवार तड़के सिमी के आठ सदस्य भोपाल जेल से भागने में कामयाब हो गए थे, बाद में पुलिस ने उन्हें एनकाउंटर में ढेर कर दिया।
एनकाउंटर में ढेर सिमी का एक सदस्य। (Photo By Rajesh Chaurasia)

भोपाल में पुलिस एनकाउंटर में ढेर हुए प्रतिबंधित संगठन सिमी के आठ सदस्यों में से चार ने बिजनौर में बम बनाने की ट्रेनिंग ली थी। बिजनौर से ये लोग दुर्घटनावश हुए विस्फोट के बाद भाग गए थे। 12 सितंबर 2014 को बिजनौर की जातन कॉलोनी के एक घर में विस्फोट हो गया था। इसके बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो घर में रहने वाले छह लोग वहां से भाग गए थे। घर से भागने छह लोगों की पहचान सिमी सदस्य असलम, एजाज, जाकिर, अमजद, सल्लू उर्फ सलीक और महबूब के रूप में हुई थी। जांच में सामने आया था कि ये सिमी सदस्य घर में बम बनाने की कोशिश कर रहे थे, तभी वहां पर विस्फोट हो गया। इस हादसे में महबूब घायल हो गया था। असलम और एजाज 3 अप्रेल 2015 को तेलंगाना में एक एनकाउंटर में मार गए थे और चार अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया था। ये साल 2013 में खंडवा जेल से फरार हो गए थे, जिसके बाद से पुलिस इन्हें ढूंढ़ रही थी। ओडिशा और तेलंगाना पुलिस की तीन घंटे चली संयुक्त कार्रवाई के बाद इन्हें गिरफ्तार किया गया था।

यहां देखें मुठभेड़ का वीडियो

सोमवार तड़के ये चार अन्य चार सिमी सदस्यों के साथ मिलकर भोपाल सेंट्रल जेल में हेड कांस्टेबल की हत्या करके वहां से फरार हो गए थे। लेकिन पुलिस ने इन्हें भोपाल के नजदीक ही घेर कर एनकाउंटर में ढेर कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने मुताबिक उनके पास पुलिस आई थी और उन्हें बताया था कि कुछ कैदी जेल से फरार हो गए हैं, अगर आप देखें तो पुलिस को बताएं। इसके बाद ईटींखेड़ा गांव के लोगों ने कुछ संदिग्ध लोगों को देखा। जब गांवावालों ने संदिग्धों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने उन पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इसके बाद उन्होंने पुलिस को फोन किया। पुलिस के पहुंचने पर संदिग्धों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी और पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आठों आतंकी ढेर हो गए। आतंकियों के फरार होने के बाद राज्य सरकार ने आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए पूरे राज्य में अलर्ट जारी कर दिया था। सभी बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन पर सघन तलाशी की गई।

 

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