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डलहौजी से भीम सेना प्रमुख चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस ने सहारनपुर हिंसा के मुख्य आरोपी व भीम सेना प्रमुख चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण को गुरुवार सुबह साढ़े दस बजे हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के डलहौजी के एक होटल से गिरफ्तार किया है।

Author Bhim Army chief Chandrashekhar, accused in Saharanpur violence, arrested by UP STF in Dalhousie | June 9, 2017 1:12 AM
उत्तर प्रदेश पुलिस ने सहारनपुर हिंसा के मुख्य आरोपी व भीम सेना प्रमुख चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण को गुरुवार सुबह साढ़े दस बजे हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के डलहौजी के एक होटल से गिरफ्तार किया है।

सुभाष मेहरा/सुरेंद्र सिंघल
उत्तर प्रदेश पुलिस ने सहारनपुर हिंसा के मुख्य आरोपी व भीम सेना प्रमुख चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण को गुरुवार सुबह साढ़े दस बजे हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के डलहौजी के एक होटल से गिरफ्तार किया है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर रखी है। इसी टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर चंद्रशेखर को सुभाष चौक के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया।
एडीजी मेरठ जोन आनंद कुमार ने बताया कि चंद्रशेखर को पुलिस सहारनपुर ला रही है। उसे शुक्रवार को सहारनपुर कोर्ट में पेश किया जाएगा। डीएम प्रमोद पांडे और एसएसपी बबलू कुमार पूरी स्थिति बाकी पेज 8 पर उङ्मल्ल३्र४ी ३ङ्म स्रँी 8
पर नजर रखे हुए हैं।
चंद्रशेखर की गिरफ्तारी के बाद सहारनपुर जिले में सोशल मीडिया के जरिए किसी प्रकार के अफवाहों को फैलने से रोेकने के लिए जिला प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं पर दो दिन के लिए रोक लगा दी है। पुलिस महानिरीक्षक (अपराध) हरिराम शर्मा ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा कि जिलाधिकारी सहारनपुर ने तत्काल प्रभाव दो दिन के लिए इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी है। इन आदेशों की अवहेलना की स्थिति में दोषी व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 186 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। सहारनपुर जिले में पुलिस, पीएसी, सीआरपीएफ गश्त कर रही है। जिले की सीमाओं पर जांच अभियान चलाया जा रहा है। कचहरी जिला मुख्यालय सहित तमाम संवेदनशील इलाकों में पुलिस तैनात है। पिछले महीने सहारनपुर में हुई जातीय हिंसा की घटनाओं में अब तक 46 मामले विभिन्न धाराओं में दर्ज किए गए हैं और इन मामलों में 206 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
शब्बीरपुर में जातीय हिंसा के बाद सुर्खियों में आई भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर पर जाति के नाम पर लोगों को भड़काने और हिंसा फैलाने के आरोप हैं। लिहाजा हिंसा के आरोप में 11 लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में अदालत ने चंद्रशेखर समेत अन्य चार लोगों के खिलाफ गैरजमानती वांरट जारी किए थे। उसके बाद भूमिगत हुए चंद्रशेखर और उसके तीन साथियों के ऊपर उत्तर प्रदेश पुलिस ने रविवार को ही 12-12 हजार का इनाम घोषित किया था।
शब्बीरपुर गांव में पांच मई को हुई जातीय हिंसा के पीछे चंद्रशेखर का हाथ बताया जा रहा है। सहारनपुर जातीय हिंसा मामले में भीम आर्मी के अब तक तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस चंद्रशेखर को पकड़ने के लिए कड़ी मशक्कत कर रही थी। उसकी गिरफ्तारी के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस का विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित किया गया था, जिसमें 10 पुलिस निरीक्षकों को शामिल किया गया था। एसआइटी को पांच मई से 23 मई के बीच सहारनपुर में हुई जातीय हिंसा की कई घटनाओं से जुड़े 40 मामलों की जांच की जिम्मेदारी दी गई थी।

शब्बीरपुर में 5 मई को राजपूत और दलितों में संघर्ष हुआ था। इसमें देवबंद के एक राजपूत युवक सुमित राणा की मौत हो गई थी। इसकी प्रतिक्रिया में 9 मई को दलित आर्मी के आह्वान पर सहारनपुर नगर में गुस्साए दलितों ने आठ स्थानों पर जमकर आगजनी और हिंसा की थी जिसमें करोड़ों रुपए की संपत्ति जलकर खाक हो गई थी। राज्य सरकार ने स्थिति से ठीक से न निपटने के कारण डीएम एनपी सिंह और एसएसपी दिनेश चंद्र दूबे को निलंबित कर दिया था और कमिश्नर एवं डीआइजी का तबादला कर दिया था। भीम आर्मी का प्रमुख चंद्रशेखर भूमिगत रहकर दलितों को भड़काने का काम लगातार कर रहा था।
चंद्रशेखर दलितों के खिलाफ हिंसा के विरोध में हाल में दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर चर्चा में आया था। धरने में दस हजार से ज्यादा दलित शामिल हुए थे। चंद्रशेखर ने जंतर-मंतर पर कहा था कि वह जातीय हिंसा के मामले में गिरफ्तार किए गए 37 ‘निर्दोष’ दलितों की रिहाई के बाद ही आत्मसमर्पण करेगा। उसने कहा था, ‘मेरा मानना है कि उत्तर प्रदेश सरकार दलितों की समस्याओं का समाधान निकालने में नाकाम रही है।

मुख्यमंत्री का पुलिस और प्रशासन पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। पिछले एक साल से तुलना करें तो गत ढाई माह में प्रदेश में दलितों पर अत्याचार की वारदात में बढ़ोतरी हुई है।’ चंद्रशेखर ने कहा था, ‘सहारनपुर हिंसा के वास्तविक अपराधियों को पकड़ने के बजाय पुलिस ने निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया है। इससे दलितों में गुस्सा भर रहा है।’ पेशे से वकील चंद्रशेखर और उसके साथी विनय रत्न सिंह ने जुलाई 2015 में भीम आर्मी का गठन किया था। हालांकि इसका मकसद सहारनपुर के दलितों के हितों की रक्षा करना था, मगर अप्रैल में आंबेडकर जयंती के मौके पर हुए बवाल के बाद यह संगठन सुर्खियों में आया था।
जानकारी के मुताबिक पेशे से वकील चंद्रशेखर ने छह साल अस्पताल में भर्ती पिता की बीमारी के दौरान लोगों से दलित समाज के दमन की बातें सुनने के बाद उस वक्त अमेरिका में उच्च शिक्षा का ख्याल त्यागकर दलित समाज की सेवा करने के मकसद से 2011 में गांव के कुछ युवाओं के साथ मिलकर भारत एकता मिशन भीम आर्मी का गठन किया। चंद्रशेखर इस संगठन के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए। शब्बीरपुर में 5 मई को महाराणा प्रताप जयंती के मौके पर दो पक्ष आमने-सामने आ गए और हिंसक वारदातों में भीड़ ने दो दर्जन मकानों समेत कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। हिंसा के दौरान राजपूत समुदाय के एक युवक की मौत भी हो गई थी।

चंद्रशेखर उर्फ रावण की गिरफ्तारी के बाद जिलाधिकारी सहारनपुर ने तत्काल प्रभाव से दो दिन के लिए इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी है। इस आदेश की अवहेलना की स्थिति में दोषी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 186 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।

सांप्रदायिक झड़प में नासिरपुर के ग्राम प्रधान गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर के स्थानीय अदालत ने जिले के नासिरपुर गांव के प्रधान को सांप्रदायिक झड़प में कथित भूमिका के लिए 20 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। गांव प्रधान साबिर अली गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। उस पर हत्या के प्रयास और दंगा करने का आरोप था। नासिरपुर में छह जून को सांप्रदायिक झड़प में एक शख्स की मौत हो गई थी जबकि छह अन्य घायल हो गए थे।

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