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कांशीराम की जयंती पर भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर लॉन्च करेंगे नई पार्टी, मायावती को नुकसान के आसार

भीम आर्मी अपने राजनीतिक संगठन के लिए तीन नामों पर विचार कर रहा है, यह हैं- आजाद बहुजन पार्टी, बहुजन आवाम पार्टी और आजाद समाज पार्टी।

भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद। (फाइल फोटोः पीटीआई)

भीम आर्मी जल्द ही अपने राजनीतिक संगठन का ऐलान कर सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक दलित नेता कांशीराम की जयंती (15 मार्च) पर नई पार्टी का ऐलान कर सकता है। बताया गया है कि नए राजनीतिक दल के लिए चंद्रशेखर ने काफी सोच समझ के लिए यह दिन चुना है। इसके जरिेए वह दलित समुदाय को खुश करने और बसपा सुप्रीमो मायावती को नुकसान पहुंचा सकते हैं। फिलहाल पार्टी के लिए तीन नामों पर विचार चल रहा है। यह नाम हैं आजाद बहुजन पार्टी, बहुजन आवाम पार्टी और आजाद समाज पार्टी। माना जा रहा है कि पार्टी का नाम ‘आजाद समाज पार्टी’ रखा जा सकता है।

भीम आर्मी के प्रवक्ता कुश ने न्यूज 18 मीडिया ग्रुप को बताया कि पार्टी को 15 मार्च को लॉन्च करने की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। यह कांशीराम की जयंती है, वह नेता जिसने इस देश के बहुजनों को आशा की नई किरण दी। कई अन्य राजनीतिक दलों के नेता भी हमारी नई पार्टी में शामिल होने आ रहे हैं। पार्टी के गठन के बाद हम इसकी सदस्यता के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में अभियान चलाएंगे। पार्टी का घोषणापत्र को भी जल्द अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

भीम आर्मी के उदय पर बसपा की करीब से नजरः इसी बीच कहा जा रहा है कि मायावती के नेतृत्व वाली बसपा भीम आर्मी के कामकाज पर करीब से नजर रख रही है। बताया गया है कि अप्रैल के पहले हफ्ते में इस पर चर्चा के लिए पार्टी नेताओं की एक बैठक भी बुलाई गई है। सूत्रों के मुताबिक, बसपा के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात भीम आर्मी की युवाओं के बीच बढ़ती लोकप्रियता है। इसके अलावा दलित समुदाय के नेताओं की दिलचस्पी भी इस संगठन में बढ़ी है। ऐसे में बसपा के बड़े नेता भीम आर्मी के खिलाफ नई नीतियां बनाने में जुटे हैं।

बसपा ने कथित रूप से अपने कार्यकर्ताओं से बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती धूमधाम से मनाने के लिए कहा है। भीम आर्मी के राजनीतिक संगठन तैयार होने की चर्चा भी पिछले काफी समय से थी। 2 मार्च को दिल्ली में चंद्रशेखर ने इसके संकेत भी दिए थे। साथ ही कहा था कि उनकी पार्टी 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेगी। इससे पहले उन्होंने भाजपा के पूर्व सहयोगी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर से भी मुलाकात की थी।

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