कांग्रेस के द्वारा कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन करने के बीच बीजेपी भी इस दिशा में आगे बढ़ रही है। बीजेपी आने वाले दिनों में कर्नाटक में अपने संगठन में बहुत बड़े बदलाव कर सकती है। पार्टी की कोशिश विपक्ष में रहते हुए संगठन को मजबूत करने और राज्य में फिर से अपनी सरकार बनाने की है।

कांग्रेस में हुए बड़े बदलाव के बाद डीके शिवकुमार कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री होंगे। इसके साथ ही कांग्रेस कुछ नेताओं को उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी भी दे सकती है।

कर्नाटक में अगले विधानसभा चुनाव मई, 2028 में होने हैं और इसमें 2 साल का वक्त बचा है। ऐसे में बीजेपी कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को घेरने और उसको सत्ता से हटाने के लिए पूरी ताकत लगाना चाहती है।

प्रहलाद जोशी समेत कई नेताओं के नाम पर चर्चा

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी समेत कई नेता ऐसे हैं जिनके नाम कर्नाटक के अगले प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर चल रहे हैं। मौजूदा वक्त में पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के बेटे बी.वाई. विजयेंद्र राज्य में पार्टी की कमान संभाल रहे हैं। ऐसी भी चर्चा है कि पार्टी बी.वाई. विजयेंद्र को बरकरार रख सकती है या फिर किसी दूसरे नेता को यह जिम्मेदारी दे सकती है।

भाजपा के राज्य महासचिव वी. सुनील कुमार, लिंगायत समुदाय के नेता अरविंद बेल्लाड को भी इस पद के दावेदार के रूप में देखा जा रहा है।

हाल ही में बीजेपी के केंद्रीय पर्यवेक्षक बैजयंत जय पांडा और संयुक्त महासचिव (संगठन) शिवप्रकाश कर्नाटक आए और यहां वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। बताया जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में पार्टी कर्नाटक के लिए नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर सकती है।

कुछ दिन पहले ही बीजेपी ने चार राज्यों में अपने नए अध्यक्षों का ऐलान किया था।

दक्षिण में कर्नाटक ही एक ऐसा राज्य है, जहां पर बीजेपी अपनी सरकार बना चुकी है। पिछले चुनाव में शिकस्त खाने के बाद से ही पार्टी की कोशिश राज्य की सत्ता में लौटने की है।

संगठन और चुनावी रणनीति पर फोकस

कर्नाटक में इन दिनों बीजेपी संगठन और चुनावी रणनीति पर फोकस कर रही है। पार्टी का मानना है कि संगठन का नए सिरे से गठन करने के बाद जनता से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस सरकार को घेरने और उसको जवाबदेह ठहराने में मदद मिलेगी। सहयोगी दल के तौर पर कर्नाटक में बीजेपी के साथ जनता दल (सेक्युलर) है।

पिछले दिनों पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद बीजेपी के हौसले बुलंद हैं। वहां उसने बेहतर रणनीति बनाकर, संगठन का विस्तार कर और कार्यकर्ताओं को संगठित करके टीएमसी को सत्ता से बाहर किया। इसी तरह पार्टी कर्नाटक में मजबूत संगठन बनाकर और अच्छी चुनाव रणनीति के जरिए राज्य की सत्ता से कांग्रेस को विदा करना चाहती है।

कर्नाटक में कांग्रेस की मुश्किल बढ़ी

कर्नाटक की नई सरकार में कितने उपमुख्यमंत्री होंगे, इसे लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। दलित समुदाय के नेताओं ने शनिवार को केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विरोध प्रदर्शन किया और मांग की कि पूर्व मंत्री के.एच. मुनियप्पा को राज्य का उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया जाए। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।