जनसुराज के संस्थापक और बांकीपुर से नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर के आरोपों पर भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी पलटवार किया है। प्रशांत किशोर ने दावा किया था कि भरत तिवारी के परिवार ने सम्राट चौधरी सरकार ने परिवार को 50 लाख रुपये दिए हैं।

इसके बाद न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने कहा, “ये झूठे आरोप हैं; इनमें कोई सच्चाई नहीं है। अगर उनके (प्रशांत किशोर) पास कोई सबूत है, तो उन्हें हमारे परिवार और जनता के सामने यह साबित करना चाहिए कि हमने सरकार से ₹50 लाख लिए थे।”

अगर न्याय चाहते हैं तो आकर प्रचार करें- चंदन

आगे पीके पर ही आरोप लगाते हुए चंदन ने कहा, “उन्होंने (प्रशांत किशोर) हमें भरोसा दिलाया था कि 10-15 दिनों में न्याय मिल जाएगा, लेकिन बाद में वे गायब हो गए और हमारे फोन का जवाब देना भी बंद कर दिया। बाद में, उनकी तरफ से किसी ने हमें फोन करके कहा कि अगर हम न्याय चाहते हैं तो हमें उनके लिए प्रचार करना होगा। अगर वे सबूत नहीं दे पाते हैं, तो उन्हें आकर मेरी माँ से माफी माँगनी होगी, वरना हम उनके खिलाफ पुलिस FIR दर्ज करवाएँगे।”

मामले को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक ले जाएंगे- भरत तिवारी की मां

मामले में भरत तिवारी की माँ आशा देवी ने कहा, “उनके परिवार के बारे में झूठी बातें फैलाई जा रही हैं। मैं केवल अपने बेटे को न्याय दिलाने के बारे में बात करूँगी। मुख्यमंत्री से हमारी माँग है कि तुरंत न्याय मिले; दोषियों को फाँसी दी जानी चाहिए, वे सभी मौत की सजा के हकदार हैं। हम न्याय चाहते हैं और इस मामले को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक ले जाएँगे।”

16 जून को ही रची थी साजिश- वकील संजीव

भरत तिवारी का केस लड़ रहे वकील संजीव कुमार सिंह ने कहा, “भरत तिवारी की हत्या की साजिश 16 जून से ही एक पुलिस अधिकारी, एक SDM और एक स्थानीय नेता ने मिलकर रची थी। हत्या 17 जून 2026 को हुई, जिसमें पांच गोलियां चलाई गईं। शुरू में तीन गोलियां चलाई गईं और फिर उन्हें जबरदस्ती गाड़ी में बिठाने के बाद 15 मिनट बाद दो और गोलियां चलाई गईं। पांच अलग-अलग पुलिस अधिकारियों ने पांच अलग-अलग हथियारों से ये पांच गोलियां चलाईं। यह पहले से सोची-समझी हत्या का पक्का सबूत है।”

’24 घंटे में होगी कार्रवाई’

आगे संजीव ने कहा, “गिरफ्तारी के मामले में, हमने राष्ट्रपति को एक अर्जी दी, जिसे मुख्य सचिव के पास भेजा गया, इसके बाद आगे की जांच शुरू हुई और गिरफ्तारियां होने लगीं। भरत तिवारी की मां मुख्यमंत्री से मिलीं, जिन्होंने हमें कार्रवाई का भरोसा दिया; इसके बाद, अक्षय कुमार नाम के एक STF अधिकारी को गिरफ्तार किया गया। आज, गैर-जमानती वारंट की मांग करते हुए कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। प्रशासन और मुख्यमंत्री ने हमें भरोसा दिलाया है कि बाकी लोगों को, जिनमें दूसरे पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं, अगले 24 घंटों के भीतर गिरफ्तार किया जाएगा और उन पर कार्रवाई होगी।”

हम पीएम और गृह मंत्री से मिलने दिल्ली जाएंगे- वकील

वकील संजीव ने कहा, “हम हर स्तर पर कोशिश कर रहे हैं; हमने प्रधानमंत्री कार्यालय से बात की है और प्रधानमंत्री से मिलने का समय लिया है। हम पहले भी राष्ट्रपति से मिल चुके हैं और फिर मिलेंगे, और हमने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने का समय भी लिया है। हम उनकी तुरंत गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली जाएंगे।”

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