Punjab News: आम आदमी पार्टी सरकार की ओर से लुधियाना के पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में क्रांतिकारी भगत सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित एक संगीत संध्या की कई मोर्चों पर आलोचना हो रही है। इससे पहले सरकार पर एक श्रद्धांजलि सभा के बजाय एक भव्य संगीत कार्यक्रम आयोजित करने के लिए हमला किया गया था, अब यूनिवर्सिटी के खेल के मैदान को कथित रूप से नुकसान पहुंचाने और कार्यक्रम स्थल पर कूड़ा फेंकने को लेकर एक नया विवाद सामने आया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की उपस्थिति में 28 सितंबर को पीएयू के फुटबॉल और एथलेटिक्स मैदान में ‘जश्न-ए-इंकलाब’ संगीत संध्या का आयोजन किया गया। इस जगह पर आम लोगों का आना-जाना मना है और यहां की सुविधाएं आमतौर पर खिलाड़ियों के लिए आरक्षित होती हैं। इस कार्यक्रम में कुलविंदर बिल्ला और रंजीत बावा जैसे पंजाबी गायकों ने प्रस्तुति दी।
गुस्साए छात्रों, खिलाड़ियों और सुबह सैर करने वालों ने पीएयू को राजनीतिक रैली का अड्डा बनाने के लिए आम आदमी पार्टी सरकार की कड़ी आलोचना की है। उनके अनुसार, तीन दिन बीत जाने के बाद भी परिसर में कूड़ा-कचरा बिखरा पड़ा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डिस्पोजेबल चम्मच और प्लेट जैसी एक बार इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक की वस्तुएं और यहां तक कि भगत सिंह की तस्वीरें भी मैदान में बिखरी पड़ी थीं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 30000 से ज्यादा लोगों के लिए रात का खाना एथलेटिक्स ट्रैक पर परोसा गया और रोटियां बनाने के लिए ट्रैक पर ही एक तंदूर लगाया गया, जिससे काफी नुकसान हुआ। पीएयू में पत्रकारिता के छात्र सिमरनजीत सिंह चहल ने ‘साथ पंजाब’ (SATH Punjab) के दूसरे वॉलंटियर्स के साथ मिलकर पीएयू के वाइस-चांसलर सुखजीत पाल सिंह को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में मांग की गई है कि भविष्य में यूनिवर्सिटी के इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए न किया जाए। ‘साथ पंजाब’ छात्रों का एक ऐसा संगठन है जो सामाजिक मुद्दों को उठाता है।
वे जरूर कहीं कोने में बैठकर रो रहे होंगे- चहल
चहल ने आरोप लगाया, “यहां भगत सिंह को कोई याद नहीं करता था, सब कुछ आम आदमी पार्टी के इर्द-गिर्द घूमता था।” चहल ने कहा, “सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ता आप के झंडे लहरा रहे थे, वहीं भगत सिंह की तस्वीरें फेंक दी गईं और अब वे कचरे में पड़ी हैं। क्या भगत सिंह चाहते थे कि उनकी जयंती इस तरह मनाई जाए? वे जरूर कहीं कोने में बैठकर रो रहे होंगे, यह देखकर कि उन्होंने हमारे फुटबॉल और एथलेटिक्स ग्राउंड को कितना नुकसान पहुंचाया है और वहां कितना कचरा फैलाया है।”
चहल ने आगे पूछा, “इतने सारे कचरे के बीच दौड़ते हुए किसी भी खिलाड़ी को गंभीर चोट लग सकती है। क्या भगत सिंह उस जन्मदिन के जश्न को मंजूरी देते, जिसमें उन युवाओं के खेल के मैदान को नुकसान पहुंचाया गया, जिनके लिए वे हमेशा लड़ते रहे।”
चहल ने आगे आरोप लगाया कि कुछ बाहरी लोग नशे की हालत में कार्यक्रम में शामिल हुए और कार्यक्रम स्थल के पास शराब की बोतलों के लेबल मिले। उन्होंने कहा, “क्या आप देश के लिए शहीद हुए व्यक्ति को इसी तरह याद करते हैं? कार्यक्रम के लिए पेड़ों की छंटाई तक की गई थी। पीएयू एक स्वायत्त विश्वविद्यालय है और प्रबंधन को ऐसे राजनीतिक कार्यक्रमों की अनुमति नहीं देनी चाहिए। अगर पंजाब सरकार नए शिक्षण संस्थान स्थापित नहीं कर सकती, तो कम से कम मौजूदा संस्थानों को तो बख्श दे। इतना ही नहीं, परीक्षाएं चल रही हैं और छात्रों को घंटों तक तेज गाना सुनना पड़ा, जब गायक भड़कीले प्रदर्शन कर रहे थे।”
छात्रों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा
नाम न बताने की शर्त पर एक अन्य छात्र ने कहा, “पीएयू की प्राथमिकता क्या होनी चाहिए? क्या यह अकादमिक गतिविधियां होनी चाहिए या राजनीतिक घटनाएं? उस दिन छात्रों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। भारी पुलिस बैरिकेडिंग, शोर और ट्रैफिक। खेल का मैदान लाइब्रेरी और लेक्चर रूमों के बहुत करीब है और परीक्षाएं भी नजदीक हैं।”
छात्र ने आगे कहा, “पीएयू को न सिर्फ पंजाब बल्कि पूरे देश का सबसे हरा-भरा विश्वविद्यालय माना जाता है, लेकिन इस घटना ने सब कुछ खराब कर दिया।” छात्र ने मैदान और पेड़ों को हुए नुकसान का आरोप लगाते हुए कहा, “हमें अपने परिसर से भावनात्मक लगाव है और हम नेताओं को इसे किसी राजनीतिक रैली स्थल की तरह इस्तेमाल नहीं करने दे सकते।” एक अन्य छात्र ने पूछा, “क्या पीएयू का मैदान कोई रामलीला मैदान है जहां किसी भी तरह के राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं?”
घटना के बाद विश्वविद्यालय में सुबह की सैर करने आए लोगों ने कहा कि वे मैदान की हालत देखकर हैरान रह गए। इनमें से एक ने कहा, “खिलाड़ी यहां अभ्यास करते हैं, इसलिए सुबह टहलने वालों और साइकिल चलाने वालों को भी बिना अनुमति के इस क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। यह चौंकाने वाली बात है कि खेल के मैदान को एक राजनीतिक कार्यक्रम के लिए आवंटित कर दिया गया। दौड़ के मैदान पर बिखरे कचरे से किसी भी खिलाड़ी को गंभीर चोट लग सकती है। पहले ऐसे राजनीतिक कार्यक्रमों की कभी अनुमति नहीं थी।”
पीएयू में ग्राउंड की सफाई का काम चल रहा
पीएयू के एडिशनल डायरेक्ट टी.एस. रियाड़ ने कहा कि अधिकारियों को इवेंट के बाद ग्राउंड की हालत और छात्रों के गुस्से के बारे में पता है। उन्होंने कहा, “यह इवेंट पंजाब सरकार का आधिकारिक कार्यक्रम था, इसलिए लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर के निर्देश पर यह जगह अलॉट की गई थी। गंदगी को जल्द से जल्द साफ करने की पूरी कोशिश की जा रही है।”
आम आदमी पार्टी पर कांग्रेस का हमला
आम आदमी पार्टी पंजाब के मुख्य प्रवक्ता बलतेज पन्नू और मलविंदर कांग ने बार-बार कोशिश करने के बावजूद कॉल और मैसेज का कोई जवाब नहीं दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने इस कार्यक्रम को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार की आलोचना की।
सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, “आज लुधियाना शहर में भारी जाम लगा है। भगवंत मान सरकार द्वारा शहीद भगत सिंह की जयंती मनाने के कारण एम्बुलेंस जाम में फंसी हुई हैं, जिससे गंभीर रूप से बीमार मरीजों को भी परेशानी हो रही है! मेरा मानना है कि आम आदमी पार्टी सरकार आज इन समारोहों पर 9-10 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इसमें बड़े गायक, विशाल पंडाल, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया जैसे वीवीआईपी मेहमानों के लिए खास नॉन-वेज खाना और अन्य बेकार के खर्च शामिल हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे पूरा यकीन है कि शहीद भगत सिंह जी की आत्मा इन नकली क्रांतिकारियों को कोस रही होगी, जिन्होंने लोगों का पैसा ऐसे आयोजन पर बर्बाद किया है और साथ ही यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशान भी किया है! अगर आप उनकी विचारधारा में जरा भी विश्वास नहीं करते, तो उनकी तस्वीर हर जगह लगाने का क्या मतलब है?”
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