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बिहार: पकड़ा गया मोस्ट वांटेड, डेढ़ दर्जन हत्या, रंगदारी जैसे थे कई संगीन आरोप

भागलपुर पुलिस का मोस्ट वांटेड राजू मिश्रा को जमशेदपुर के परसुडीह से गिरफ्तार कर लिया गया है।

Author भागलपुर | May 28, 2018 6:45 PM
जमशेदपुर से दबोचे गए शातिर राजू मिश्रा।

भागलपुर पुलिस का मोस्ट वांटेड राजू मिश्रा को जमशेदपुर के परसुडीह से गिरफ्तार कर लिया गया है। एसएसपी के मुताबिक उसे सोमवार को पुलिस घेरे में भागलपुर लाया गया है। इस पर पचास हजार रुपए का इनाम घोषित था। बीते करीब बीस साल से पुलिस गिरफ्त से बाहर था। पुलिस रिकार्ड बताते है कि इस पर हत्या , रंगदारी सरीखे डेढ़ दर्जन से ज्यादा संगीन मामले यहां के पुलिस थानों में दर्ज है। इससे पहले चार रोज पहले 25 हजार रुपए का इनामी शातिर वकील मंडल को पीरपैंती दियारा इलाके से पुलिस ने दाबोचा था। यह 25 साल से फरार था। एसएसपी आशीष भारती बताते है कि राजू मिश्रा की तलाश में पुलिस टीम जमशेदपुर भेजी गई थी। इसके सहोदर भाई अजय मिश्रा को भी भागलपुर पुलिस ने 2015 में जमशेदपुर से ही दबोचा था। उस पर भी पचास हजार रुपए का इनाम पुलिस ने घोषित कर रखा था। और यह भी शातिर है। ये लोग पुलिस की नजरों से बच जमीन के कारोबार में वहां लगे थे।

दरअसल ये दोनों अपने सहोदर भाई गुड्डल मिश्रा की हत्या के बाद बदले की भावना से अपराध की दुनिया में कदम रखा था। गुड्डल की हत्या 1994 में पटना में कर दी गई थी। इसकी हत्या का आरोप भागलपुर के ही कुख्यात पप्पू खान गिरोह पर लगा था। उसका कत्ल भी 2007 में कर दिया गया था जिसके खून का इल्जाम रियाजुल खान समेत इन दोनों भाईयों पर लगा। गुड्डल मिश्रा खूंखार अपराधी था, जिसके नाम से ही लोग सहम जाते थे।

1989 के कौमी दंगा के बाद 1990 से 1995 के गुंडागर्दी , रंगदारी और हत्याओं का दौर को याद कर भागलपुर के व्यापारी सहम उठते है। ईस्टन बिहार चेंबर आफ कॉमर्स के सचिव संजीव कुमार शर्मा बताते है कि चिठ्ठियां भेज रंगदारी मांगी जाती थी, जिसने नहीं दिया उसके लिए यह मौत का पैगाम था। कई ऐसे बेवजह मौत के घाट उतार दिए गए। व्यापारी डर से बंगलूर , मुंबई , सूरत , दिल्ली व कोलकत्ता पलायन कर गए। सिल्क नगरी के नाम से जाने जाना भागलपुर ऐसे शातिरों की वजह से गुंडागर्दी , रंगदारी के लिए बदनाम हुआ। यह ठीक है कि हालात अब बदले है। वे कहते है वैसे दौर के बदमाशों को ढूंढ कर पुलिस गिरफ्त में ले रही है। यह नए एसएसपी की बड़ी कामयाबी और गुंडों पर लगाम कसने की मानसिकता दर्शाती है।

एसएसपी ने बताया कि बीते 12 अप्रैल को एक अखबार के यूनिट हेड श्याम बथवाल के घर घुसकर चाकू की नोंक पर उनकी पत्नी व सास के गहने लूट फरार होने के मामले का खुलासा हो गया है। एक लुटेरा शंभु साह पूर्णिया का रहने वाला है। जिसे इतवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। और दो श्रवण व प्रवेश साह नवगछिया के पंचगछिया ठठेरी टोला है। जिनकी शिनाख्त सीसीटीवी फुटेज से की गई। इन दोनों को भी जल्द दबोच लिया जाएगा।

 

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