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दिवाली और छठ के मद्देनजर प्रशासन ने सक्रियता बढ़ाई, खुशनुमा माहौल में त्योहार सेलिब्रेट करने की करी अपील

ध्यान रहे कि भागलपुर बिहार का संवेदनशील जिला है। यहां पर 24 अक्तूबर 1989 को दिवाली के मौके पर ही बड़े पैमाने पर कौमी दंगा भड़का था जिसमें सैकड़ों जानें गई थीं।
जिले के बड़े अधिकारियों ने भी माहौल पर नजर रखने और त्योहार खुशनुमा वातावरण में निकाल देने की अपील की है।

दिवाली और छठ पूजा को खुशनुमा माहौल में गुजार देने को लेकर आलाअफसरों की चिंता बढ़ गई है। जोनल आईजी सुशील खोपड़े, डिवीजन के आयुक्त राजेश कुमार, जिलाधीश आदेश तितमारे और एसएसपी मनोज कुमार अलग-अलग बैठकें कर हिदायतें दे रहे हैं। त्योहार आते ही मानो प्रशासन की सांसें रुक जाती हैं। भागलपुर बिहार का संवेदनशील जिला है। 24 अक्तूबर 1989 को दिवाली के मौके पर ही भीषणतम कौमी दंगा भड़का था जिसमें सैकड़ों जानें गई थीं। इसके अलावा हाल में बगल के जमुई और कटिहार में दुर्गापूजा व मुहर्रम पर माहौल बिगड़ गया था। अधिकारियों को अमन-चैन कायम करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।

डीआईजी विकास वैभव सरीखे अधिकारियों को कई दिनों तक शांति की अपील करने के लिए जमुई की सड़कों पर उतरना पड़ा था। डीजी रैंक के गुप्तेश्वर पांडे और सचिव स्तर के आईएएस अमृत प्रत्यूष को आनन-फानन में हालात काबू करने के लिए पटना से कटिहार भेजना पड़ा था। हालात तो भागलपुर में भी बिगाड़ने की कोशिश शरारती तत्वों ने की थी लेकिन डीएम व एसएसपी की मुस्तैदी की वजह से फितूर मिजाजी तत्वों की मंशा नाकाम हो गई। बाद में दो दिनों पहले थाना लोदीपुर के पांच पुलिस अधिकारियों को लापरवाही बरतने में लाइन हाजिर करना पड़ा था। इसके साथ ही इंस्पेक्टर भरत भूषण पर कार्रवाई ना किए जाने पर सवालिया निशान लग रहा है।

इसी वजह से भागलपुर में त्योहार शांति से गुजरे इसके लिए दो दिनों से माथापच्ची चल रही है। डिवीजन के कमिश्नर राजेश कुमार ने साफ तौर पर मोबाइल कंपनियों को हिदायत दी है कि प्रशासन का निर्देश मिलते ही फौरन नेट सेवा बंद हो जानी चाहिए। गौरतलब है कि जमुई में हुए उपद्रव के दौरान ऐसा नहीं हुआ था। इससे शरारती तत्वों को मौका मिला। सोशल मीडिया की निगरानी के लिए सेल भी बनाया जाएगा और यह नियंत्रण कक्ष में काम करेगा। आपत्तिजनक पोस्ट डालने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए एक नोडल अधिकारी जिले के मुख्यालय में तैनात रहेंगे।

दूसरी तरफ, डीएम और एसएसपी ने दोनों समुदायों के लोगों को लेकर बनी शांति समिति के सदस्यों के साथ बैठक की। इन बड़े अधिकारियों ने भी माहौल पर नजर रखने और त्योहार खुशनुमा वातावरण में बिताने की अपील की। साथ ही स्मार्ट सिटी भागलपुर में टूटी सड़कें, लटके बिजली के तार, गंगा घाट और सड़कों पर फैली गंदगी का मुद्दा भी छाया रहा। बैठक में एसडीओ, डीएसपी के अलावा समिति के ब्रजेश साह, धुरी याद , महबूब आलम, मो. अनवर खान और अन्य लोग भी मौजूद थे।

त्योहारों पर अपराध की घटनाएं छिनईती, लूट पर काबू पाने और बदमाशों को दबोचने के लिए आईजी ने मंगलवार शाम पुलिस अधिकारियों के साथ लंबी बातचीत की। इसमें शरारती तत्वों पर भी खास नजर रखने को कहा गया। इसके अलावा बदमाशों का स्पीडी ट्रायल कराने, जेल से छुटकर बाहर आए अपराधियों पर नजर रखने, यदि उसकी गतिविधि गलत है तो उसकी जमानत रद्द कराने का प्रयास, अगर कोई अपराधी गलत तरीके से जायदाद हासिल किया है तो उसकी संपत्ति जब्त करने के लिए मुख्यालय को लिखने जैसी हादयतें अधिकारियों को आईजी ने दी। अपराध हर हालत में काबू रहना चाहिए। इसकी देखरेख का जिम्मा उन्होंने एसएसपी के साथ डीआइजी को भी दिया। इस सक्रियता का मकसद दिपावली को शांतिपूर्ण माहौल में गुजारना है।

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