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राज्यसभा के लिए अमर, बेनी सहित सपा उम्मीदवारों ने किया नामांकन

उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 11 सीटों के लिए हो रहे द्विवार्षिक चुनाव के लिए बुधवार को अमर सिंह, बेनी प्रसाद वर्मा और विवादास्पद बिल्डर संजय सेठ समेत सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के सात उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए।

Author लखनऊ | May 25, 2016 11:25 PM
भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के बारे में पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के समय में भी संसद में आश्वासन दिया गया था।

उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 11 सीटों के लिए हो रहे द्विवार्षिक चुनाव के लिए बुधवार को अमर सिंह, बेनी प्रसाद वर्मा और विवादास्पद बिल्डर संजय सेठ समेत सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के सात उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए। सपा की तरफ बुधवार को नामांकन करने वालों में विधान परिषद के पूर्व सभापति सुखराम यादव, रेवतीरमण सिंह, विशंभर प्रसाद निषाद के साथ ही सुरेंद्र नागर शामिल हैं, जिन्हें 17 मई को पार्टी संसदीय दल की बैठक के बाद घोषित सूची मेंं शामिल रहे अनिल कुमार सिंह की जगह उम्मीदवार बनाया गया है।

अखिलेश सरकार ने पहले लखनऊ के विवादास्पद बिल्डर संजय सेठ को मनानीत श्रेणी में विधान परिषद में भेजने की पेशकश की थी, पर राज्यपाल राम नाईक ने यह प्रस्ताव नामंजूर कर दिया था। अमर सिंह विगत छह वर्षों तक पार्टी से निष्कासित थे जबकि बेनी वर्मा हाल ही में कांग्रेस छोड़ कर फिर से समाजवादी पार्टी में शामिल हुए हैं। नामांकन के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं रामगोपाल और शिवपाल यादव के अलावा अमर सिंह की पत्नी और दोनों बेटियां मौजूद थीं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के कारण लखनऊ से बाहर थे।

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पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव भी न जाने किस वजह से इस मौके पर उपस्थित नहीं हो सके। विधान परिषद की तेरह सीटों के लिए हो रहे चुनावों के लिए भी बुधवार को सपा की तरफ से बलराम यादव, शत्रुद्र प्रकाश, यशवंत सिंह, बुक्कल नवाब, राम सुंदर दास, जगजीवन राम, कमलेश पाठक, राजविजय सिंह आदि ने अपने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए। उत्तर प्रदेश विधानसभा में 403 सदस्य हैं और इस लिहाज से राज्यसभा में किसी उम्मीदवार को जीतने के लिए 37 विधायकों तथा विधान परिषद में 32 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी।

आंकडों को देखें तो 229 विधायकों के बल पर सपा राज्यसभा के छह और विधान परिषद के सात उम्मीदवार जितवाने में सक्षम है। राज्यसभा में सातवें और विधान परिषद में आठवें उम्मीदवार को जितवाने के लिए सपा को अतिरिक्त मतों की आवश्यकता होगी, जिसके लिए सरगर्मियां शुरू हो गई हैं। सपा को उम्मीद है कि कांग्रेस एक अतिरिक्त सीट के लिए उसका समर्थन करेगी क्योंकि कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी और पी एल पुनिया को क्रमश: 2014 और 2015 में राज्यसभा पहुंचने के लिए सपा से समर्थन मिला था। घोषित कार्यक्रम के अनुसार जरूरत पड़ने पर विधान परिषद के लिए 10 जून और राज्यसभा के लिए 11 जून को मतदान होगा।

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