बेंगलुरु पुलिस ने गुरुवार को दो लोगों को मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के लिए तैनात सरकारी अधिकारी पर कथित तौर पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया। अधिकारी पर यह हमला तब हुआ जब वह बेंगलुरु में बूथ स्तर के अधिकारियों की निगरानी कर रहे थे। आरोपियों की पहचान दस्तगीर (22) और यारब (21) के रूप में हुई है।
शिकायतकर्ता पकीरप्पा कर्नाटक स्लम डेवलपमेंट बोर्ड में अधीक्षक हैं, उन्हें पुलकेशिनगर राजस्व कार्यालय द्वारा वार्ड नंबर 47 में एसआईआर का काम करने वाले बूथ-स्तरीय अधिकारियों के लिए पर्यवेक्षक अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था। एफआईआर के अनुसार, यह घटना बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे रोशन नगर के कौसर मस्जिद के पास घटी।
अधिकारी से एसआईआर फॉर्म को लेकर बहस कर रहे थे युवक
पकीरप्पा ने आरोप लगाया कि वे एसआईआर प्रक्रिया का निरीक्षण कर रहे थे तभी उन्होंने देखा कि दो युवक बूथ अधिकारी से एसआईआर फॉर्म को लेकर बहस कर रहे थे। अधिकारी को जब पता चला कि वे जयनगर के निवासी हैं न कि स्थानीय चुनावी क्षेत्र के तो उन्होंने युवकों को अपने अधिकार क्षेत्र से फॉर्म लेने के लिए कहा।
इसके बाद पकीरप्पा ने हस्तक्षेप किया और दोनों व्यक्तियों से पूछा कि वे अधिकारी से बहस क्यों कर रहे हैं तो आरोपियों में से एक ने कथित तौर पर उनके अधिकार पर सवाल उठाया और उनके चेहरे पर घूंसा मारा जिससे उनके होंठ से खून बहने लगा। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि दूसरे आरोपी ने उनकी आंख के पास और पीठ पर वार किया जिससे उन्हें चोटें आईं। स्थानीय निवासियों के हस्तक्षेप और शामिल लोगों को अलग करने के बाद यह हमला समाप्त हुआ।
पुलिस में शिकायत दर्ज
हमले के बाद, पकीरप्पा ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया, डॉ बीआर अंबेडकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज कराया और बाद में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने लोक सेवक को चोट पहुंचाने, जानबूझकर अपमान करने और दुर्व्यवहार करने के आरोप में मामला दर्ज किया है । एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आगे की जांच जारी है।
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कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। राज्य की सत्तारूढ़ कांग्रेस ने दावा किया है कि प्रारूप मतदाता सूची (ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल) से करीब 84.31 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका है। पार्टी ने इसे गंभीर मामला बताते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) से दोबारा भौतिक सत्यापन कराने और किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना पूरी जांच के न हटाने की मांग की है। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
