बेंगलुरु में हरियाली और सार्वजनिक स्थानों को बढ़ावा देने के लिए कर्नाटक सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है। राज्य सरकार शहर में ऐतिहासिक लालबाग बॉटनिकल गार्डन की तर्ज पर तीन नए बड़े पार्क विकसित करने की योजना बना रही है। इनमें से एक पार्क के लिए रक्षा मंत्रालय की जमीन का इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी जाएगी, जबकि दो अन्य पार्क वन भूमि पर विकसित किए जाने की योजना है।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को लालबाग में 220वें वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार बेंगलुरु में लालबाग जैसे तीन और गार्डन विकसित करने पर विचार कर रही है।

डिफेंस की जमीन पर पार्क के लिए रक्षा मंत्री से मिलेंगे शिवकुमार

शिवकुमार ने कहा कि प्रस्तावित तीन पार्कों में से एक को बेंगलुरु की रक्षा भूमि पर विकसित करने की योजना है। इसके लिए उन्होंने रक्षा मंत्रालय से अनुमति मांगी है और जल्द ही केंद्रीय रक्षा मंत्री से मुलाकात करने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्क के लिए जमीन का मालिकाना हक रक्षा मंत्रालय के पास ही रहेगा।

राज्य सरकार केवल उस जमीन पर पार्क विकसित करने की अनुमति चाहती है। शिवकुमार ने इस सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी में रक्षा भूमि पर पार्क बनाने के लिए अनुमति दिए जाने का उदाहरण भी दिया। उनका कहना है कि इसी मॉडल को बेंगलुरु में भी अपनाने की कोशिश की जाएगी।

वन भूमि पर भी बनेंगे दो नए पार्क

सरकार की योजना सिर्फ रक्षा भूमि तक सीमित नहीं है। बेंगलुरु शहर के भीतर वन भूमि पर भी दो इसी तरह के बड़े पार्क विकसित करने का प्रस्ताव है। शिवकुमार ने बताया कि इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों के साथ बातचीत की जा चुकी है।

इन पार्कों के विकास की जिम्मेदारी ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी, बेंगलुरु डेवलपमेंट अथॉरिटी और हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट जैसी एजेंसियों को दी जा सकती है। शिवकुमार ने कहा कि सरकार अपने कार्यकाल के दौरान बेंगलुरु की हरियाली को बचाने और बढ़ाने के साथ-साथ लोगों के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराने को लेकर प्रतिबद्ध है।

240 एकड़ में फैला है लालबाग

बेंगलुरु का लालबाग बॉटनिकल गार्डन शहर की पहचान और प्रमुख हरित स्थलों में शामिल है। करीब 240 एकड़ में फैले इस ऐतिहासिक गार्डन में देश-विदेश की विभिन्न प्रजातियों के पेड़-पौधे मौजूद हैं। यहां हर साल गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के आसपास बड़े स्तर पर पुष्प प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाता है।

इसी लालबाग की तर्ज पर तीन नए पार्क विकसित होने से बेंगलुरु के लोगों को बड़े और खुले हरित क्षेत्र उपलब्ध हो सकते हैं। साथ ही, तेजी से बढ़ते शहर में पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक जीवन को बेहतर बनाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

15 अगस्त को किसानों के लिए बड़ा ऐलान

लालबाग फ्लावर शो का इस बार का थीम ‘ग्लोरी ऑफ द गंगा डायनेस्टी’ यानी ‘गंगा वंश का गौरव’ है। शिवकुमार ने कहा कि गंगा वंश का इतिहास समानता, किसानों के जीवन और संघर्ष से जुड़ा रहा है। इसलिए इस थीम के जरिए संस्कृति, कृषि जीवन और कला को सामने लाने की कोशिश की गई है।

उन्होंने राज्य में हरियाली बढ़ाने के साथ किसानों की आजीविका को मजबूत करने के लिए एक नई पहल का भी संकेत दिया। शिवकुमार के मुताबिक, यह सरकार और किसानों की साझेदारी से चलने वाला कार्यक्रम होगा, जिसकी औपचारिक घोषणा 15 अगस्त को की जाएगी।

उन्होंने बताया कि किसानों को सशक्त बनाने पर केंद्रित सरकार का 100 दिन का कार्यक्रम भी तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य किसानों की भागीदारी के साथ राज्य में हरियाली बढ़ाना और उनकी आजीविका को मजबूत करना है।

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विदेश मंत्रालय द्वारा गुरुवार को राज्यसभा में पेश किए गए एक जवाब के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2021 से अब तक की विदेश यात्राओं पर सरकारी खजाने से कम से कम 557.51 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।