पश्चिम बंगाल के बरुईपुर में छठी क्लास की छात्रा के साथ कुछ दिन पहले ही रेप और हत्या का मामला सामने आया था। इसके कुछ दिनों बाद 30 साल की एक महिला ने आरोप लगाया है कि नरेंद्रपुर में प्रॉपर्टी के झगड़े को लेकर टीएमसी की पूर्व विधायक फिरदौसी बेगम से जुड़े कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक महिला ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसके साथ मारपीट की गई, उसके बाल मुंडवा दिए गए और हमलावरों ने ब्लेड से उसकी जीभ काटने की कोशिश की।

महिला ने आरोप लगाया कि उन्होंने उसके दुपट्टे से उसका गला घोंटने की कोशिश की और फिर उसे उसके खाली प्लॉट में खींचकर ले गए, लैंप पोस्ट से बांधकर बेरहमी से पीटा। पुलिस ने महिला को तब बचाया जब उसके पति ने नरेंद्रपुर पुलिस स्टेशन को सूचना दी।

पुलिस ने दर्ज किया FIR

FIR दर्ज होने के तुरंत बाद नरेंद्रपुर पुलिस हरकत में आई और छापेमारी शुरू कर दी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपियों में से एक तारीफुद्दीन सरदार को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह टॉलीगंज में अपने ससुराल में छिपा हुआ था, लेकिन सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने मोबाइल टावर को ट्रैक करके उसे गिरफ्तार कर लिया। इस बीच बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए अभी भी रेड की जा रही है।

द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए महिला ने आरोप लगाया, “मैं अपनी 10 साल की बेटी के साथ घर पर थी, तभी टीएमसी के गुंडे अंदर घुस आए। उन्होंने मुझे धमकी दी कि जब तक मैं उन्हें 50,000 रुपये नहीं दे दूंगी, वे मुझे मेरी प्रॉपर्टी पर पैर नहीं रखने देंगे। उन्होंने कोर्ट जाने के लिए मुझे गालियां भी दीं। जब मैंने पैसे देने से मना कर दिया, तो उन्होंने मुझे पीटना शुरू कर दिया और एक दूसरे गुंडे ने मुझे थप्पड़ मारा। मेरी बेटी मेरी तरफ दौड़ी लेकिन उन्होंने उस पर भी हमला किया।”

महिला ने आरोप लगाया कि हमलावर पूर्व टीएमसी विधायक फिरदौसी बेगम के समर्थक थे। महिला ने कहा, “वे मुझे घसीटकर मेरे खाली प्लॉट पर ले गए, मुझे एक लाइट के खंभे से बांध दिया, मेरा सिर मुंडवा दिया और फिर से पीटा। वहां बहुत से लोग तमाशबीन थे लेकिन डर के मारे कोई आगे नहीं आया। एक पड़ोसी ने मेरे पति को फोन किया, जिन्होंने तुरंत पुलिस को बताया। अगर पुलिस नहीं आती, तो मैं मर जाती।”

‘कट मनी’ मांग रहे थे टीएमसी कार्यकर्ता- पीड़ित

महिला ने आरोप लगाया कि जून 2025 में जब से उसने प्लॉट खरीदा था, लोकल टीएमसी कार्यकर्ता ‘कट मनी’ मांग रहे थे। उसने दावा किया कि पिछले साल 3 सितंबर को उस पर और उसके पति पर हमला हुआ था और पुलिस के दखल के बाद लौटने से पहले वे कुछ देर के लिए घर से भाग गए थे। उसके अनुसार पुलिस के दखल के बावजूद कथित शोषण जारी रहा, जिससे दंपति ने लोअर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने दंपति के पक्ष में फैसला सुनाया कि उन्हें परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उसने आरोप लगाया कि हमला कोर्ट के ऑर्डर के बाद हुआ।

महिला ने आरोप लगाते हुए कहा, “मैंने यह जमीन खरीदने के लिए लोन लिया था। मैं झाल मुरी का स्टॉल लगाती थी, लेकिन उन्होंने वह भी बंद कर दिया। मैं उन्हें पैसे क्यों दूं? हम बीजेपी समर्थक थे और इसीलिए वे हमें और भी ज़्यादा टारगेट करते हैं। मैं मौजूदा विधायक से अपील करती हूं कि इन दोषियों को गिरफ्तार किया जाए और सज़ा दी जाए।”

पीड़ित महिला के पति ने कहा, “जब TMC के गुंडों ने हमारी खरीदी हुई ज़मीन को लेकर मेरी पत्नी पर हमला किया तो मैं घर पर नहीं था। वे उसे घसीटकर प्रॉपर्टी में ले गए, बांध दिया और डंडों और बांस से पीटा। हम प्रशासन से अपील करते हैं कि हमें इंसाफ मिले।”

पुलिस का बयान

पुलिस ने कहा कि जांच चल रही है। रिपोर्ट लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। पूर्व विधायक फिरदौसी बेगम ने इस घटना पर इंडियन एक्सप्रेस के पूछे गए सवाल का जवाब नहीं दिया। सोनारपुर उत्तर से बीजेपी विधायक देबाशीष धर ने पत्रकारों से कहा कि हम मामले को देखेंगे और तुरंत एक्शन लिया जाएगा।

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