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विकास दुबे के ठिकाने पर रेड से पहले शहीद डीएसपी का एसपी संग बातचीत का ऑडियो वायरल- लोकल एसओ के अपराधी से हैं लिंक

मारे गए डिप्टी एसपी देवेंद्र मिश्रा और कानपुर एसपी (ग्रामीण) बृजेश श्रीवास्तव के बीच कथित बातचीत का एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रहा है। यह ऑडियो क्लिप चौबेपुर थाने के तत्कालीन स्थानीय स्टेशन अधिकारी (एसओ) विनय तिवारी और कानपुर के पूर्व एसएसपी अनंत देव तिवारी के लिए मुसीबत का कारण बन सकता है।

Translated By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: August 7, 2020 9:04 AM
विकास दुबे के घर पर दबिश देने के कुछ देर पहले का ऑडियो क्लिप वायरल। (फाइल फोटो)

हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे, उसके पांच सहयोगियों के एनकाउंटर और आठ पुलिसकर्मियों की हत्या की जांच आयोग जांच पड़ताल कर रहा है। मारे गए डिप्टी एसपी देवेंद्र मिश्रा और कानपुर एसपी (ग्रामीण) बृजेश श्रीवास्तव के बीच कथित बातचीत का एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रहा है। यह ऑडियो क्लिप चौबेपुर थाने के तत्कालीन स्थानीय स्टेशन अधिकारी (एसओ) विनय तिवारी और कानपुर के पूर्व एसएसपी अनंत देव तिवारी के लिए मुसीबत का कारण बन सकता है।

वायरल ऑडियो क्लिप दो जुलाई की रात का बताया जा रहा है। यह बातचीत विकास दुबे के घर पर दबिश देने के कुछ देर पहले की है। इसी छापेमारी में मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। क्लिप में मिश्रा को श्रीवास्तव से यह कहते हुए सुना जा रहा है कि एसओ विनय तिवारी कह रहे हैं कि सीओ (मिश्रा) के मौके पर पहुंचने के बाद ही छापेमारी शुरू होगी।

इस क्लिप में मिश्रा को पूर्व एसएसपी अनंत देव तिवारी के खिलाफ आरोप लगाते हुए भी सुना गया है। मिश्रा कह रहे हैं कि उनके द्वारा जुआ रैकेट का भंडाफोड़ किया गया था। जिसके बाद चौबेपुर थानेदार विनय तिवारी ने कार्यवाही नहीं करने के लिए तत्कालीन एसएसपी अनंत देव तिवारी को पांच लाख रुपये दिए थे।

मिश्रा ने स्पष्ट रूप से कहा “एसओ कह रहा है कि मेरे वहां पहुंचने के बाद ही वह छापेमारी के लिए जाएंगे। इसलिए, मैं जा रहा हूँ।” श्रीवास्तव ने कहा “आप चिन्ता न करें। मैं बहुत जल्द इन लोगों को देखता हूं और उन सभी की सूची तैयार करूंगा जो यह कर रहे है। एसएसपी ने उन्हें गिरफ्तारी करने के लिए कहा होगा। आप अपने दिमाग का इस्तेमाल करें और दो-तीन थानों की फोर्स लेकर जाएं, क्योंकि हमारे पास उसे (विकास दुबे) को पकड़ने का एक बड़ा मौका है।”

डीएसपी ने कहा कि एसओ जुआ करवा लाखों रुपये वसूलता था जिसे उन्होंने खुद पकड़ा। रिपोर्ट भेजी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। डीएसपी ने कहा कि एसओ ने जुआ के आरोपियों को डराया कि तुम पर गैंगस्टर लग जाएगा। जिसके बाद उनसे पांच लाख रुपये देकर एसएसपी को दे दिए।

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