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दिल्ली में 9 साल की बच्ची से रेप, हिंसक हुए लोग, 10 पुलिसवाले घायल, 12 गाड़ियां भी टूटीं

दिल्ली में नौ साल की बच्ची से बलात्कार के बाद आक्रोशित लोगों ने जमकर हंगामा किया। लोगों के द्वारा किए गए हिंसक प्रदर्शन में 10 पुलिसवाले घायल हो गए। एक दर्जन से गाडि़यों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo credit- Indian express)

दिल्ली के वसंतकुंज थाना क्षेत्र में एक 9 साल की बच्ची के साथ बलात्कार के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। छतरपुर-महिपालपुर सड़क को जाम कर आक्रोशित लोगों ने जमकर हंगामा और वहां से गुजर रहे वाहनों पर पथराव किया। इस हिंसक प्रदर्शन में 10 पुलिस जवान जख्मी हो गए। एक दर्जन से अधिक गाडि़योंं को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इसके एक पुलिस की गाड़ी भी शामिल है। इस मामले को लेकर वसंतकुंज थाने में दंगा का एक मामला दर्ज किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 22 अगस्त को वसंतकुंज थाना क्षेत्र के रंगपुरी इलाके में एक नौ साल की बच्ची शौचालय जाने के लिए घर से निकली थी। इस दौरान अंधेरे का फायदा उठा उसे कुछ लोग उठाकर झाडि़यों में ले गए और दुष्कर्म किया गया था। दुष्कर्म के बाद बच्ची को घायल अवस्था में छोड़ आरोपी फरार हो गए। बच्ची के कराहने की आवाज सुन स्थानीय औरतों ने परिजनों को इसकी सूचना दी। दुष्कर्म के बाद बच्ची हालत काफी खराब हो गई है। उसे एम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती करवाया गया है। इस घटना के बाद स्थानीय लोग काफी गुस्से में हैं। हालांकि, पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोग उसे उनलोगों को सौंपने की मांग करने लगे। स्थानीय लोगों का कहना था कि वे उसे खुद सजा देंगे। देखते ही देखते आक्रोशित लोगों का प्रदर्शन उग्र हो गया। बेकाबू भीड़ ने पुलिस और आस-पास से गुजर रहे वाहनों को निशाना बना पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में एक एसीपी सहित 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे इलाके में भारी खंख्या में पुलिस जवानों को तैनात कर दिया गया है।

 

इस पूरे मामले पर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बच्ची और उसके परिजनों के बयान के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे इलाके में नशेड़ी और आवारागर्दी करने वाले लोग घूमते रहते हैं। न तो यहां की गलियों में लाइट की सुविधा है और न हीं पुलिस के जवान कभी दिखाई देते हैं। यही वजह है कि गुंडे-मवालियों का मन बढ़ गया है। उनलोगों ने इस तरह के जघन्य वारदात को अंजाम दिया। उन्हें हर हाल में फांसी की सजा मिलनी चाहिए।

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