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भागलपुर: सांप्रदायिक तनाव के बीच थाना में हुआ डांस, शहर के चार थानेदार भी ले रहे थे मजे

बिहार के भागलपुर पुलिस का खेल देखिए। एक तरफ रामनवमी को शांतिपूर्ण तरीके से गुजार देने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस के आलाधिकारियों के पसीने छूट रहे थे।

थाने में बार गर्ल्स का डांस

बिहार के भागलपुर पुलिस का खेल देखिए। एक तरफ रामनवमी को शांतिपूर्ण तरीके से गुजार देने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस के आलाधिकारियों के पसीने छूट रहे थे। वहीं दूसरी ओर थाना शाहकुंड में फूहड़ डांस हो रहा था। नाच-गाने का लुत्फ उठाने के लिए भागलपुर शहर से भी चार थानेदार शाहकुंड थाने पहुंच गए। डांस के लिए दूसरे राज्य से बालाएं बुलाई गई थींं। इनका वीडियो वायरल हुआ है। यह वीडियो किसी ग्रामीण ने बनाया है। बुधवार को एसएसपी मनोज कुमार ने अपना सख्त रुख अख्तियार करते हुए थाना शाहकुंड के थानेदार संतोष शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया। उन्‍‍‍‍‍‍‍होंने डीएसपी कानून व्यवस्था को पूरी जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जो थानेदार भागलपुर से तकरीबन 25 किलोमीटर दूर रात के अंधेरे में अपने थानों को अपने मातहत के भरोसे छोड़कर शाहकुंड गए थे उनके नाम हैं- थाना बबरगंज के राजेश कुमार रंजन, थाना तिलकामांझी के संजय सत्यार्थी, थाना बरारी के रोहित सिंह, और थाना अकबरनगर के विकास कुमार। एसएसपी का कहना है कि वीडियो की सत्यता और डीएसपी की जांच रिपोर्ट के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मगर बताते हैंं कि वायरल वीडियो में शाहकुंड थाने में वहां के थानेदार के साथ ये चारों भी नजर आ रहे है। यहां कर्यक्रम काफी देर रात तक चला और डीजे पर बार बालाएं डांस करती रही। इधर, भगवा क्रांति के आयोजकों का आरोप है कि रामनवमी पर बूढ़ानाथ मंदिर में आयोजित भजन संध्या कार्यक्रम को ठीक 10 बजे रात नियम का हवाला देकर एसडीओ सुहर्ष भगत और डीएसपी शहरयार अख्तर ने बंद करवा दिया था। आरती भी नहीं होने दी। दूसरी तरफ थाने में बार बालाओं का डांस देर रात तक चला।

बता दें कि विक्रम संवत प्रतिपदा की पूर्व संध्‍या पर ही भागलपुर में सांप्रदायिक तनाव फैल गया था। भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री अश्‍विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्‍वत ने उस दिन बाइक रैली निकाली थी। रैली के दौरान ही पथराव हो गया था। इसके बाद स्‍थिति तनावपूर्ण हो गई थी। ऐसे में पुलिस-प्रशासन के सामने रामनवमी को शांतिपूर्वक संपन्‍न कराना बड़ी चुनौती बना हुआ था।

जुलूस में हिंसा की घटना को लेकर दो एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। एक एफआईआर अर्जित चौबे के खिलाफ भी है। एफआईआर का विरोध करने के लिए जिला भाजपा कमेटी ने बुधवार को एक रोज का मौन धरना दिया। धरने का नेतृत्व ज़िला अध्यक्ष रोहित पांडे ने किया। इधर पुलिस की अर्जी पर उपद्रव को लेकर थाना नाथनगर में दर्ज दूसरी एफआईआर संख्या 177/18 के 12 नामजद आरोपियों के खिलाफ भी गिरफ्तारी वारंट जारी हो गया है। प्रभारी सीजेएम एके श्रीवास्तव ने वारंट जारी किया। एसएसपी मनोज कुमार के मुताबिक इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस को लगाया गया है। हालांकि, पुलिस पांच दिन में वारंट के बावजूद अर्जित को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

ध्यान रहे कि 17 मार्च को उपद्रव को लेकर दो एफआईआर संख्या 176 और 177 थाना नाथनगर में लिखी गई थी। पहले वाले मामले में बगैर अनुमति के जुलूस निकालने और भड़काऊ नारे लगाने का आरोप है। इसमें केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री के बेटे अर्जित चौबे समेत 9 लोग नामजद और पांच सौ अनाम बताए गए हैंं। इनके खिलाफ बीते शनिवार को ही गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है। नामजद बाकी भी भाजपा कार्यकर्ता है। दूसरी एफआईआर में 12 नामजद और पांच सौ अज्ञात है। इनपर हिंसा , आगजनी, उपद्रव का आरोप है। इनके नाम है मो. समी अंसारी , मो. मुन्ना , मो. जाबिर , मो. शाहजहां , मो. सोनू, मो. शाह आलम, पिंकू यादव , पंकज यादव , विक्रम यादव , मनीष यादव , शंकर यादव और आकाश साह ।

पहली एफआईआर के आरोपी अर्जित चौबे ने बिहार के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिख अपने को बेकसूर बताते हुए दो पुलिस अधिकारियों की साजिश बताया है। नाथनगर थाना में पदस्थापित एक पुलिस अधिकारी और एक डीएसपी रैंक के अधिकारी पर पत्र में शक जताया गया है और उनसे गहराई से जांच कराने का आग्रह किया है।

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