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बार रिश्वत मामले में केरल के आबकारी मंत्री ने दिया इस्तीफा

केरल के आबकारी मंत्री के बाबू ने त्रिचूर की एक अदालत द्वारा बार रिश्वत घोटाले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने का आदेश दिए जाने के कुछ घंटों बाद शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

Author कोच्चि | January 24, 2016 01:45 am
केरल के आबकारी मंत्री के बाबू। (फाइल फोटो)

केरल के आबकारी मंत्री के बाबू ने त्रिचूर की एक अदालत द्वारा बार रिश्वत घोटाले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने का आदेश दिए जाने के कुछ घंटों बाद शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वे कांग्रेस की अगुआई वाली ओमन चांडी सरकार के दूसरे मंत्री हैं जिन्होंने करोड़ों रुपए के मामले में इस्तीफा दिया है। इसके पहले पिछले साल नवंबर में केरल कांग्रेस (एम) सदस्य और वित्त मंत्री के एम मणि ने इस्तीफा दिया था। राज्य में विधानसभा चुनावों के पहले केरल में यूडीएफ सरकार के लिए यह झटका माना जा रहा है।

बाबू ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री चांडी को सौंप दिया है और वे नैतिक आधार पर पद छोड़ रहे हैं क्योंकि अभी तक उनके खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। इससे पहले त्रिचूर में सतर्कता अदालत ने सतर्कता व भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो को बार रिश्वत मामले में बाबू के खिलाफ भ्रष्टाचार आरोपों को लेकर मामला दर्ज करने का आदेश दिया। बाबू ने सतर्कता अदालत के आदेश को अस्वाभाविक बताते हुए कहा कि वे अपने को निर्दोष साबित करने के लिए कानूनी कार्यवाही के साथ आगे बढ़ेंगे। मद्य निषेध कार्यक्रम के तहत 700 से ज्यादा बार होटलों को बंद करने की यूडीएफ सरकार की शराब नीति का प्रत्यक्ष रू प से जिक्र करते हुए उन्होंने अपने बारे में कहा कि वे समाज के कल्याण के लिए सरकारी योजना के कार्यान्वयन की खातिर शहीद हुए।

उन्होंने दावा किया कि वे बार मालिकों की साजिश के शिकार हुए हैं, जिन्हें भारी नुकसान हुआ था और जिन्हें माकपा का भी समर्थन है। बाबू ने आरोप लगाया कि कुछ बार मालिक 15 दिसंबर को माकपा के राज्य सचिव के बालाकृष्णन की मौजूदगी में एक माकपा विधायक के घर पर मिले थे। केरल बार आनर्स एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष बीजू रमेश ने आरोप लगाया था कि शराब बारों के लाइसेंसों के नवीनीकरण के लिए बाबू को दस करोड़ रुपए दिए गए थे।

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