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ताक पर सुप्रीम आदेश, बिना अधिकार बैंक मांग रहे आधार

आगरा में ग्रामीण बैंक से जुड़े एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनके यहां आने वाले अधिकतर खातेदार ग्रामीण होते हैं। उनके खाते तो बगैर आधार के खोल दिए जा रहे हैं लेकिन उनसे एक या दो माह में आधार जमा करने को भी कह रहे हैं।

Author December 30, 2018 10:44 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर।

गजेंद्र सिंह

आधार की अनिवार्यता खत्म करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बैंकों ने खाता खोलने के लिए आधार नंबर देने का दबाव डालना तो बंद कर दिया है, लेकिन खाताधारकों से यह अब भी लिया जा रहा है। इसी तरह मोबाइल फोन का सिम कार्ड लेने के लिए आधार अब भी जरूरी बताया जा रहा है, नहीं तो सिम नहीं मिलेगा। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि फोटो पहचानपत्र के रूप में कुछ भी जमा करें, पर एक से दो माह के अंदर आधार जमा करना होगा। इससे आगे चलकर सहूलियत होती है। वहीं, बैंकों में आधार बनाने के लिए आज भी एजंट बैठे हुए हैं, जबकि आरबीआइ ने आरटीआइ के जवाब में कहा है कि उन्होंने इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया है।

आगरा में ग्रामीण बैंक से जुड़े एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनके यहां आने वाले अधिकतर खातेदार ग्रामीण होते हैं। उनके खाते तो बगैर आधार के खोल दिए जा रहे हैं लेकिन उनसे एक या दो माह में आधार जमा करने को भी कह रहे हैं। कर्मचारी का कहना है कि फर्जी मतदाता पहचानपत्र को लेकर जबसे कई खबरें आई हैं तबसे बैंककर्मी खुद आधार कार्ड के लिए कहते हैं। बरेली ट्रेड यूनियन फेडरेशन के महामंत्री और एक सरकारी बैंक से जुड़े संजीव मेहरोत्रा बताते हैं कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने से पहले किसी भी प्रकार का खाता खोलने के लिए आधार अनिवार्य था, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद आधार के लिए कोई अनिवार्यता नहीं है, लेकिन फोटो पहचानपत्र जरूर चाहिए। उनका कहना है कि भले ही आधार कार्ड की अनिवार्यता खत्म कर दी गई हो लेकिन बैंकों में आधार कार्ड बनाने के लिए लगे शिविर को लेकर अभी भी विरोध चल रहा है। इसके लिए बैंकों से एक अधिकारी भी आधार से जुड़े आवेदन को सत्यापित करते हैं।

बरेली में ग्राहक अधिकारों से जुड़े अधिवक्ता मुहम्मद खालिद जीलानी कहते हैं कि बैंक खाते के लिए तो शिकायतें आनी लगभग कम हो गई हैं, अगर आती भी हैं तो एक बार बात करने पर बैंक अधिकारी मान जाते हैं। पर सिम और स्कूल में एडमिशन के लिए आधार कार्ड को लेकर अब भी जबर्दस्ती चल रही है। एक मोबाइल कंपनी के प्रतिनिधि ने तो आधार के बिना सिम देने से ही मना कर दिया। बैंक इम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव प्रदीप विश्वास बताते हैं कि अब आधार के लिए किसी पर दबाव नहीं डाला जा रहा है लेकिन फोटोयुक्त पहचानपत्र जरूरी है। इसके लिए मतदाता पहचानपत्र और पैन कार्ड ले रहे हैं। ऑल इंडिया बैंक एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डी घोष कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद एक सर्कुलर बैंकों को मिला था कि आधार अनिवार्य नहीं है इसलिए अब बैंक उसे ले भी नहीं रहे हैं, लेकिन अगर कहीं ऐसा हो रहा है तो यह गलत है।

आरबीआइ ने नहीं दिया बैंकों में शिविर लगाने का आदेश: सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में आरबीआइ ने कहा है कि उसकी ओर से ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया है। आरबीआइ से 6 जुलाई 2018 को पूछा गया कि किस आरबीआइ एक्ट के तहत बैंकों को आधार कार्ड नामांकन करना है। इस सवाल पर आरबीआइ का कहना है कि उनके पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। आरबीआइ से यह भी पूछा गया था कि क्या उसकी ओर से बैंकों में आधार कार्ड नामांकन कार्य के लिए अलग से कोई नियुक्ति की गई है। इस पर उसने कहा कि इस संबंध में उसकी ओर से कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।

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