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अपनी सुरक्षा के लिए पीएम नरेंद्र मोदी का दखल चाहते हैं बांग्लादेशी हिंदू

बांग्लादेश में हिंदू आश्रम में काम करने वाले 60 वर्षीय नित्यरंजन पांडेय की बीते 10 जून को संदिग्ध इस्लामवादियों द्वारा निर्मम हत्या कर दी गई।

Author कोलकाता | June 12, 2016 12:50 PM
साठ वर्षीय नित्यरंजन पांडेय पिछले 40 साल से अनुकूल चंद्र सतसंग परमतीर्थ हेमायतपुरधाम आश्रम में स्वयंसेवी के तौर पर काम कर रहे थे। (फोटो में शव के साथ खड़े स्थानीय लोग) (एपी/पीटीआई)

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले की कई घटनाओं के मद्देनजर इस अल्पसंख्यक समुदाय के लोग चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बांग्लादेश के साथ इस मामले को उठाए। ‘बांग्लादेश हिंदू बुद्धिस्ट क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल’ के महासचिव और जानेमाने मानवाधिकार कार्यकर्ता राणा दासगुप्ता ने कहा, ‘बांग्लादेश में सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय निशाने पर है। कट्टरपंथी और जमात ताकतें बांग्लादेश से हिंदुओं का सफाया करने का प्रयास कर रही हैं।’

उन्होंने कहा, ‘हम महसूस करते हैं कि हिंदू बहुसंख्यक राष्ट्र होने की वजह से भारत को कुछ करना चाहिए। हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बहुत उम्मीदे हैं। उनको कदम उठाना चाहिए और बांग्लादेशी सरकार के समक्ष इस मुद्दे को उठाना चाहिए तथा हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।’ हिंदू आश्रम में काम करने वाले 60 वर्षीय नित्यरंजन पांडेय की बीते 10 जून को संदिग्ध इस्लामवादियों द्वारा निर्मम हत्या कर दी गई। बांग्लादेश में धर्मनिरपेक्ष कार्यकर्ताओं पर हमलों के क्रम में हिंदू समुदाय से चौथे व्यक्ति को निशाना बनाया गया है।

दासगुप्ता ने दावा किया, ‘धार्मिक बहुसंख्यक एवं कट्टरपंथी समूह हिंदू समुदाय का सफाया करना चाहते हैं। दो वर्षों से धार्मिक सफाया की गति काफी तेजी से बढ़ी है। अगर बांग्लादेश कट्टरपंथी देश में तब्दील होता है तो भारतीय उप महाद्वीप में स्थिरता कभी हासिल नहीं की जा सकती। इसलिए अगर भारत क्षेत्र में स्थिरता चाहता है तो उसे हमारे देश में अल्पसंख्यकों पर हमले को रोकने के लिए कदम उठाना चाहिए।’

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