बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में गुरुवार रात जमकर बवाल हुआ। मारपीट और पथराव की घटनाएं सामने आईं। छात्रों के बीच लाठी-डंडे चले, जिस वजह से हालात बेकाबू हो गए। स्थिति को संभालने के लिए तीन थानों की पुलिस फोर्स को मौके पर तैनात किया गया।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, छात्र पीयूष तिवारी के सिर में गंभीर चोट आई है। उन्हें ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया है। आरोप है कि निष्कासित किए जा चुके छात्र दर्शित पांडे, रौनक मिश्रा, अंकित पाल और विश्वजीत यादव ने बीएचयू के रुइया हॉस्टल के गेट पर पीयूष तिवारी पर हमला किया।

बीएचयू में पुलिस का पहरा

घटना की जानकारी मिलते ही पूरे हॉस्टल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जैसे ही मामले की सूचना पुलिस को मिली, क्षेत्राधिकारी राजकुमार शर्मा और बीएचयू चौकी प्रभारी सौरभ तिवारी मौके पर पहुंच गए। जब पुलिस वहां पहुंची, उस समय छात्र काफी गुस्से में थे और पीयूष तिवारी के लिए न्याय की मांग कर रहे थे।

हालात को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे रुइया हॉस्टल में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। करीब 500 पुलिसकर्मियों को मौके पर बुलाया गया। ड्रोन के जरिए भी निगरानी शुरू की गई। फिलहाल बिरला हॉस्टल के 11 कमरों को सील कर दिया गया है। पुलिस ने वहां से कुछ संदिग्ध वस्तुएं भी बरामद की हैं।

विवाद की जड़ क्या है?

वहीं, अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार को हुए इस बवाल की जड़ एक जातिगत टिप्पणी बताई जा रही है। इसी को लेकर छात्रों के दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई। मामला तब और बढ़ गया, जब बीएचयू के रुइया और बिरला हॉस्टल के छात्रों के बीच टकराव शुरू हो गया। देखते ही देखते यह विवाद हिंसा में बदल गया। गौरतलब है कि यह कोई पहली बार नहीं है, जब बीएचयू में इस तरह का हिंसक विवाद या प्रदर्शन देखने को मिला हो।