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ममता बनर्जी के राज्य में बजरंग दल ने दी मिलिट्री जैसी ट्रेनिंग, ‘सेल्फ डिफेंस’ के नाम पर युवाओं को सिखाया तलवार-राइफल चलाना

बजरंग दल ने यह कैंप सुंदरबन के कुलताली ब्लॉक स्थित एक स्कूल में आयोजित कराया था, जो 17 दिसंबर से 23 दिसंबर के बीच चला था।
विश्व हिंदू परिषद की युवा ईकाई ने पश्चिम बंगाल में हाल में शौर्य प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया था।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की नेता ममता बनर्जी के राज्य में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की युवा ईकाई बजरंग दल ने युवाओं को मिलिट्री जैसी ट्रेनिंग दी है। दक्षिणी परगना जिले में युवाओं को इसके तहत तलवार और राइफल जैसे हथियार चलाना सिखाया गया था। पूरे दक्षिण बंगाल से इस कैंप में कुल 170 युवाओं ने हिस्सा लिया, जिन्हें यहां सेल्फ डिफेंस स्किल के नाम पर यह ट्रेनिंग दी गई। बजरंग दल ने यह शौर्य प्रशिक्षण शिविर सुंदरबन के कुलताली ब्लॉक स्थित एक स्कूल में आयोजित कराया था, जो 17 दिसंबर से 23 दिसंबर के बीच चला था। दक्षिण बंगाल में वीएचपी के सहायक सचिव ने इस बारे में कहा, “ऐसे कैंप का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग देना है ताकि वे अपने ऊपर होने वाले बाहरी और आंतरिक आक्रमणों से खुद को बचा सकें, जो किसी समुदाय या अन्य देश की ओर से किए जा सकते हैं।”

वीएचपी कार्यकर्ता मदन ज्ञान ने आगे इस बाबत बताया कि ऐसे शिविर हर साल लगते हैं। जिलों में लगने वाले छोटे कैंप्स से सबसे अच्छे उम्मीदवार चुने जाते हैं, जिन्हें राज्य स्तर के शिविर में ट्रेनिंग दी जाती है, जो कि इसी महीने सुंदरबन इलाके में हुआ था। उनके मुताबिक, “आपातकालीन स्थिति के दौरान अगर सेना को नागरिकों की ओर से मदद की जरूरत पड़ेगी तो यह ट्रेनिंग उनके काम आएगी। यह युवाओं को किसी प्रकार के भी हमले से लड़ने और बचने के लिए सशक्त करती है।”

वहीं, सीएम ममता पूर्व में ऐसे कैंप्स पर राज्य में सांप्रदायिक हिंसा फैलाने के आरोप लगा चुकी हैं। ममता ने इस बाबत एक घटना का जिक्र करते हुए इसी साल कहा था, “मैंने असम की एक वीडियो क्लिप देखी थी, जिसमें वीएचपी महिलाओं को राइफल चलाने की ट्रेनिंग दे रही थी, जो कि बीजेपी से जुड़ी हुई है। क्या वे ऐसा कर सकते हैं? क्या वे सेना हैं? यह खेल बेहद खतरनाक है। ये इस देश को तबाह करना चाहते हैं।”

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