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पंजाब-हरियाणा में बैसाखी की धूम

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए लंगर और छबील की व्यवस्था की गई।

Author चंडीगढ़ | April 13, 2016 11:03 PM
पंजाब के पटियाला जिले के बरन गांव में बैसाखी महोत्सव की खुशी मनाने के दौरान सेल्फी लेतीं युवतियां। (पीटीआई फोटो)

फसल पकने की खुशी और खालसा पंथ की शुरुआत का प्रतीक बैसाखी त्योहार बुधवार को पंजाब और हरियाणा में परस्पर उल्लास और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। त्योहार के रंग में रंगे बहुत-से लोग अमृतसर के स्वर्ण मंदिर सहित विभिन्न गुरुद्वारों में अरदास करने पहुंचे। दसवें सिख गुरु गोविंद सिंह द्वारा 13 अप्रैल, 1699 को बैसाखी के दिन खालसा पंथ की शुरुआत के उपलक्ष्य में यह त्योहार मनाया जाता है। इस त्योहार के आगमन के साथ पंजाब और हरियाणा में फसली मौसम का आगाज होता है। बैसाखी के मौके पर हजारों श्रद्धालुओं ने सिखों के पवित्र धार्मिक स्थल स्वर्ण मंदिर में अरदास की।

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए लंगर और छबील की व्यवस्था की गई। स्वर्ण मंदिर और अकाल तख्त में अरदास करने के इच्छुक हजारों श्रद्धालु मंगलवार की रात से ही कतारों में लग गए थे। इस मौके पर स्वर्ण मंदिर को बहुत सुंदर तरीके से सजाया गया था। भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अधिकारियों ने स्वर्ण मंदिर में सुरक्षा के भारी बंदोबस्त किए थे।

श्रद्धालुओं ने पंजाब में तलवंडी साबो, आनंदपुर साहिब, मुक्तसर, फतेहगढ़ साहिब और हरियाणा में नाधा साहिब और कुरुक्षेत्र के प्रमुख गुरुद्वारों में भी अरदास की। लोगों ने इस मौके पर पवित्र सरोवरों में स्नान किया और अखंड पाठ तथा कीर्तन में भाग लेने के अलावा लंगर का स्वाद लिया।

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