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इलाहाबाद में बीएसपी नेता मोहम्मद शमी को बदमाशों ने गोलियों से भूना, बीजेपी विधायक से महज 4 वोट से हारे थे चुनाव

बसपा नेता मूल रूप से दुबाही गांव के रहने वाले थे। वह मऊआइमा थाने से 100 मीटर दूर सुल्तानपुर खास में परिवार के साथ रहते थे।
मो. शमी के बेटे इम्तियाज अहमद की शिकायत पर बीजेपी के मऊआइमा ब्लाक चीफ सुधीर मौर्य, अभिषेक यादव, जाबिर अली और एक अज्ञात शख्स के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।

इलाहाबाद में बहुजन समाज पार्टी के नेता मोहम्मद शमी (60) की रविवार देर रात गोलीमार कर हत्या कर दी गई। इसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना में 2 से 3 हमलावरों के शामिल होने की बात सामने आ रही है। शमी के सिर और पेट पर 5 गोलियां मारी गईं हैं। मो. शमी के बेटे इम्तियाज अहमद की शिकायत पर बीजेपी के मऊआइमा ब्लाक चीफ सुधीर मौर्य, अभिषेक यादव, जाबिर अली और एक अज्ञात शख्स के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक इस हत्या में पुरानी दुश्मनी की बात सामने आ रही है। इस बार के विधानसभा चुनावों में शमी बीजेपी के सपोर्ट वाले कैंडिडेट सुजीत कुमार मौर्य से सिर्फ 4 वोटों से हार गए थे। शमी ने सपा के टिकट पर बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के खिलाफ भी चुनाव लड़ा था। जैसे ही उनकी हत्या की खबर समर्थकों तक पहुंची, उन्होंने इलाहाबाद-प्रतापगढ़ हाईवे को जाम कर दिया और पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। शमी के परिवारीजनों के मुताबिक रविवार रात 9.15 बजे वह अपनी गाड़ी पार्क करके घर का दरवाजा खोल रहे थे। तभी बदमाशों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी और भाग गए।

गोलियों की आवाज सुनकर उनके पड़ोसी और परिवारीजन बाहर आए तो शमी खून से लथपथ थे। इसके बाद पुलिस को खबर दी गई। अपने नेता की हत्या के विरोध में कार्यकर्ताओं ने उनकी बॉडी को हाईवे पर रख दिया। बाद में पुलिस के समझाने पर वह रात 2.30 बजे हाईवे से हटने को राजी हुए। घटना इलाहाबाद के मऊआइमा थाना इलाके की है। बसपा नेता मूल रूप से दुबाही गांव के रहने वाले थे। वह मऊआइमा थाने से 100 मीटर दूर सुल्तानपुर खास में परिवार के साथ रहते थे। शमी तीन बार मऊआइमा के ब्लॉक चीफ रहे थे। एसपी छोड़कर उन्होंने बीएसपी जॉइन की थी।

मुकदमे भी कम नहीं : बताया जाता है कि मो. शमी पर हत्या, लूट, डकैती, मारपीट, धमकी समेत करीब 20 से ज्यादा क्रिमिनल केस दर्ज थे। वह जेल भी जा चुके थे, लेकिन इलाके में उनकी काफी पकड़ थी। मो. शमी प्रतापगढ़ के कुंडा विधानसभा से रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के खिलाफ 2002 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके थे। उस वक्त राजा भैया निर्दलीय चुनाव लड़े थे और उन्हें बीजेपी ने सपोर्ट किया था।

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