Badrinath Temple: बद्रीनाथ मंदिर के दान मामले में एसआईटी ने मंदिर के ही एक पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार किया है। एसआईटी ने उनसे चार घंटे पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा कि एसआईटी ने उनकी गिरफ्तारी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की है।

इससे पहले एसआईटी ने बद्रीनाथ-केदारनाथ समिति के अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया था।

कोर्ट में कब होगा पेश?

राजेंद्र चौहान को एसआईटी 18 जुलाई को कोर्ट में पेश करेगी। राजेंद्र चौहान 30 जून को बद्रीनाथ मंदिर परिसर से रिटायर हुए थे। एसआईटी ने जांच के दौरान 22 जून की सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध गतिविधि देखी थी। इसके बाद पुलिस ने इन लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। इस मामले में एसआईटी मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की पुरानी फुटेज भी खंगाल रही है।

कई दिनों की रिकार्डिंग में दिखी संदिग्ध गतिविधि

जांच अधिकारियों ने बताया कि 22, 25 और 29 जून की रिकॉर्डिंग की जांच के दौरान उन्हें संदिग्ध गतिविधि देखी, जिसके बाद एसआईटी ने अपनी जांच को आगे बढ़ाया। इस बीच पुलिस ने कुछ महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स सबूतों को सुरक्षित करते हुए मंदिर के सीसीटीवी सिस्टम के डीवीआर को अपने कब्जे में ले लिया है। जांच टीएम मौजूद रिकॉर्डिंग की तकनीकी जांच कराएगी और संबंधित सबूतों को न्यायालय के समक्ष पेश करेगी।

अन्य कर्मचारियों से हो रही पूछताछ

बद्रीनाथ थाना प्रभारी महादेव उनियाल ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी को थाने में लाया गया और उससे जरूरी पूछताछ की जा रही है। इधर जोशीमठ पुलिस अधिकारी मदन सिंह बिष्ट ने कहा कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। इसके अलावा, इस प्रकरण के संबंध में मंदिर के अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।

प्रमोद नौटियल है मुख्य आरोपी

पुलिस की एसआईटी टीम इस मामले में प्रमोद नौटियाल को मुख्य आरोपी मान रही है। उत्तराखंड पुलिस ने प्रमोद को लेकर कहा था कि सीसीटीवी फुटेज में प्रमोद को गिनती वाले कमरे में बार-बार आते और जाते हुए देखा गया और इसके बाद वह अपने ऑफिस में गया, जिससे संदेह पैदा होता है कि गायब वस्तुओं को वहीं छिपाया गया। इसके अलावा, सीसीटीवी फुटेज में आरोपी को कमरे से नकदी, सोने और चांदी के सिक्के, शालीग्राम पत्थर और दान के लिफाफे छिपाते या चुराते हुए देखा गया।

यह भी पढ़ें: 20-30 करोड़ की असली, बाकी नकली? वैष्णो देवी मंदिर के 500 करोड़ के चांदी चढ़ावे पर जवाब तलाश रही जांच | संपादकीय

करोड़ों लोगों की आस्था और विश्वास पर बने मंदिरों में वित्तीय अनियमितताओं की परतें अब सिलसिलेवार खुलने लगी हैं। अयोध्या स्थित राम मंदिर और बद्रीनाथ धाम के बाद जम्मू के माता वैष्णो देवी मंदिर में चांदी के चढ़ावे में बड़े पैमाने पर हेराफेरी के आरोप लगे हैं। इस मामले में पुलिस की जांच प्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यही वजह है कि अब स्थानीय अदालत ने पुलिस को शिकायत के संबंध में पूरा ब्योरा पेश करने का निर्देश दिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें