ताज़ा खबर
 

आडवाणी-जोशी समेत 13 लोगों पर आरोप तय करने के लिए सीबीआई कोर्ट में शुरू हुई सुनवाई, 24 मई को अगली तारीख

विशेष सीबीआई अदालत ने अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने के मामले में अगली सुनवाई के लिए 24 मई की तारीख निर्धारित की है।

आडवाणी-जोशी समेत 13 लोगों पर आरोप तय करने के लिए सीबीआई कोर्ट में शुरू हुई सुनवाई, 24 मई को अगली तारीख

विशेष सीबीआई अदालत ने अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने के मामले में अगली सुनवाई के लिए 24 मई की तारीख निर्धारित की है।
अदालत ने आज मामले की सुनवाई इसलिये स्थगित कर दी क्योंकि छह आरोपियों में से एक सतीश प्रधान आज अदालत में हाजिर नहीं हुये। सीबीआई की विशेष अदालत ने राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील माने जाने वाले इस मामले की 20 मई से रोजाना सुनवाई शुरू की है और इस मामले में आरोपी पांच विश्व हिन्दू परिषद नेताओं को जमानत दे दी थी। उच्चतम न्यायालय ने 19 अप्रैल को सीबीआई की विशेष अदालत को निर्देश दिया था कि वह इस मामले की सुनवाई एक महीने के अंदर शुरू करे तथा दो साल के अंदर अपना फैसला दे। सीबीआई अदालत ने पहले इस मामले में छह आरोपियों को सम्मन जारी कर तलब किया था जिनमें से राम बिलास वेदांती (59) समेत पांच अदालत में हाजिर हुये और जमानत हासिल कर ली थी। वेदांती के अलावा शनिवार को जो विहिप नेता अदालत में हाजिर हुए, उनमें चंपत राय (71), बैकुंठ लाल शर्मा (88), मंहत नृत्य गोपाल दास (79) और धर्मदास महाराज (68) शामिल थे जिन्हें सीबीई की विशेष अदालत के न्यायाधीश एसके यादव ने जमानत दे दी थी।

इससे पहले अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाये जाने के आपराधिक मामले में आज महंत नृत्य गोपाल दास, महंत राम विलास वेदांती, बैकुंठ लाल शर्मा उर्फ प्रेमजी, चपंत राय बंसल एवं धर्मदास ने सीबीआई की विशेष अदालत (अयोध्या प्रकरण) में आत्मसमर्पण कर दिया था। विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव ने सभी मुल्जिमों की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। इन्हें 20 हजार रूपये की जमानत और इनती ही धनराशि का निजी मुचलका दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया था।

उच्चतम न्यायालय द्वारा 19 अप्रैल को पारित आदेश के बाद अयोध्या प्रकरण की विशेष अदालत ने छह मुल्जिमों को तलब किया था। विशेष अदालत के इसी आदेश के अनुपालन में आज इन पांच मुल्जिमों ने आत्मसमर्पण किया जबकि एक मुल्जिम डा. सतीश प्रधान हाजिर नहीं हो सके। सीबीआई के विशेष वकील आर के यादव, पूर्णनेन्दु चक्रवर्ती और ललित सिंह के मुताबिक अब मामले की अगली सुनवाई 22 मई को होगी।

गौरतलब है कि दो दिंसबर 1992 को विवादित ढांचा ढहाए जाने के मामले में दो एफआईआर दर्ज हुई थी। सीबीआई ने जांच के बाद इस मामले में कुल 49 मुल्जिमों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। बालासाहेब ठाकरे, कल्याण सिंह, महंत परमहंस रामचंद दासजी, महंत अवैद्यनाथ, महंत नृत्य गोपाल दास, महंत राम विलास वेदांती, बैकुंठ लाल शर्मा उर्फ प्रेमजी, सतीश नागर, मोरेसर सवे, सतीश प्रधान, चंपत राय बंसल व महामंडलेश्वर जगदीश मुनि जी महाराज समेत कुल 13 मुल्जिमों को अदालत ने आरोप के स्तर पर ही बरी कर दिया था।

इस आदेश को सीबीआई की तरफ से पहले उच्च न्यायालय और फिर उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गई। लखनऊ में सीबीआई की विशेष अदालत (अयोध्या प्रकरण) में फैजाबाद के तत्कालीन जिलाधिकारी आर एन श्रीवास्तव, जयभान सिंह पवैया, आचार्य धर्मेंद्र देव व सुधीर कक्कड़ समेत कुल 28 मुल्जिमों के मुकदमे की कार्यवाही शुरु हो गई।

हालांकि, अब तक इनमें से छह मुल्जिमों की मुकदमे के दौरान ही मौत हो चुकी है। शेष मुल्जिम लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार, उमा भारती, विहिप के चेयरमैन अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, विष्णु हरि डालमिया व साध्वी रितंभरा समेत आठ मुल्जिमों के मामले की कार्यवाही रायबरेली की विशेष अदालत में चलने लगी। इनमें अशोक सिंघल व गिरिराज किशोर का निधन हो चुका है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App