ताज़ा खबर
 

बाबरी मस्जिद केस : वीवीआईपी गेस्ट हाउस से सीबीआई कोर्ट के लिए निकले लाल कृष्ण आडवाणी

Babri Masjid Demolition case: सर्वोच्च न्यायालय ने लखनऊ की विशेष अदालत को मामले की रोजाना स्तर पर सुनवाई करने, एक महीने के भीतर ताजा आरोप तय करने तथा दो साल के भीतर मामले का निपटारा करने को कहा था।

Author Updated: May 30, 2017 12:11 PM
गिराए जाने से पहले बाबरी मस्जिद (फाइल फोटो)

सीबीआई की विशेष अदालत आज लखनऊ में बाबरी मस्जिद मामले में भारतीय जनता पार्टी के नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और अन्य पर आरोप तय करेगी। ये नेता स्पेशल सीबीआई जज एसके यादव के सामने पेश होंगे। यह अदालत सन् 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले की रोजाना सुनवाई कर रही है। इससे पहले कोर्ट ने बीजेपी नेता विनय कटियार, विश्व हिंदू परिषद् के विष्णु हरि डालमिया और साध्वी ऋतंभरा को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने को कहा था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि पेशी से छूट के लिए किसी भी तरह की अर्जी को माना नहीं जाएगा। कोर्ट बाबरी मस्जिद विध्वंस से जुड़े दो मामलों पर सुनवाई करेगा और दूसरे मामले में महंत नृत्यगोपाल दास, महंत राम विलास वेदांती, बैकुंठ लाल शर्मा उर्फ प्रेस जी, चंपत राय बंसल, महंत धर्म दास और सतीश प्रधान पर आरोप तय करेगा। इससे पहले 19 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने इस बेहद राजनीतिक संवेदनशील मामले में आडवाणी, उमा भारती, और मुरली मनोहर जोशी और अन्यों के खिलाफ आपराधिक साजिश का मुकदमा चलाने का आदेश दिया था।

सर्वोच्च न्यायालय ने लखनऊ की विशेष अदालत को मामले की रोजाना स्तर पर सुनवाई करने, एक महीने के भीतर ताजा आरोप तय करने तथा दो साल के भीतर मामले का निपटारा करने को कहा था। पिछले हफ्ते की शुरुआत में पांच आरोपियों ने अदालत के समक्ष समर्पण कर दिया था, जबकि शिवसेना के नेता ने 24 मई को समर्पण किया था, जिसके बाद सभी को जमानत दे दी गई।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories