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भरी गई बुनियाद, राफ्ट का काम पूरा, जमीन के 50 मीटर नीचे बनाई जा रही रीटेनिंग वॉल, जानें राम मंदिर निर्माण का कितना काम हुआ पूरा

अगले साल दिसंबर में भगवान श्री रामलला अपने जन्मस्थान के गर्भगृह पर विराजमान हो जाएंगे। पूरा मंदिर नागर शैली में बनाया जा रहा है। सरयु की जलधारा से मंदिर को सुरक्षित रखने के लिए जमीन के पचास मीटर नीचे रिटेनिंग वाल बनाई जा रही है।

भरी गई बुनियाद, राफ्ट का काम पूरा, जमीन के 50 मीटर नीचे बनाई जा रही रीटेनिंग वॉल, जानें राम मंदिर निर्माण का कितना काम हुआ पूरा
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। मंदिर के गुंबद की आकृति ऐसी रहेगी। (फोटो इंडियन एक्सप्रेस)।

अयोध्या में भगवान रामलला का भव्य मंदिर का काम काफी तेज गति से चल रहा है। भवन निर्माण समिति काम के हर पहलू पर गंभीरता से नजर रखे है। अब तक राम मंदिर का करीब 30 फीसदी काम पूरा हो चुका है। बुनियाद भरी जा चुकी है। इसमें करीब दो सौ करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। राफ्ट का काम भी पूरा हो चुका है। उसके ऊपर प्लिंथ बनाई जा रही है, जो जमीन से साढ़े छह मीटर ऊपर होगी। यह इस साल जून तक पूरी हो जाएगी। इसके लिए पत्थरों को मिर्जापुर के बलुआ पत्थरों से ऊंचा किया जा रहा है और फिर ग्रेनाइट के पत्थर लगाए जाएंगे। पत्थरों पर नक्काशी का कार्य तेजी से प्रारम्भ हो रहा है जल्द ही इन पत्थरों को राम जन्मभूमि परिसर में शिफ्ट किया जाएगा।

अगले साल दिसंबर में भगवान श्री रामलला अपने जन्मस्थान के गर्भगृह पर विराजमान हो जाएंगे। पूरा मंदिर नागर शैली में बनाया जा रहा है। सरयु की जलधारा से मंदिर को सुरक्षित रखने के लिए जमीन के पचास मीटर नीचे रिटेनिंग वाल बनाई जा रही है।

राम मंदिर के रिटेनिंग वाल और गर्भ गृह का काम पूरा हो जाने के बाद भक्तों की मूलभूत सुविधाओं के लिए 70 एकड़ में काम किया जाना है। मंदिर परिसर में संस्कृत विद्यालय, पाठशाला, गौशाला आदि का निर्माण किया जाएगा।

एबीपी न्यूज चैनल से बात करते हुए ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने बताया कि “काम बहुत तेज गति से चला है। विभिन्न प्रकार की बाधाओं को होते हुए भी हमारी भवन निर्माण समिति है, उसने काम को काफी तत्परता और बुद्धिमत्ता से आगे बढ़ाया है।”

राम मंदिर निर्माण पर कुल 11 सौ करोड़ खर्च होने है। मंदिर निर्माण में प्रयोग होने वाले तीस हजार घन फीट पत्थर बेंगलुरू से और तकरीबन 35 हजार घन फीट पत्थर मिर्जापुर से आए हैं। इसमें कुल 5 लाख घन फीट पत्थर का उपयोग होना है। राम मंदिर के 25 वर्ग फीट क्षेत्र में बनने वाले परकोटे में भी रामायण के करीब एक हजार प्रसंगों को शिलाओं पर उकेरा जाएगा। इसके अलावा रामकथा के 125 प्रसंगों को भी कलाकार अपनी कलाओं से इन पत्थरों पर लिखेंगे। सभी काम आरंभ होने से पहले वैदिक मंत्रोच्चार किया जाता है।

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