भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को बहुत गंभीरता के साथ लड़ रही है। यही वजह है कि पार्टी ने केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन को विधानसभा चुनाव में उतारा है। भाजपा ने मुरुगन को तमिलनाडु के तिरुपुर जिले की अविनाशी (एससी) सीट से टिकट दिया है। 23 अप्रैल को होने वाले चुनावों में एक केंद्रीय मंत्री और पहली पीढ़ी के सरकारी डाक्टर के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा।

द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) ने इस क्षेत्र से एक युवा चिकित्सक वी गोकिलामणि को मैदान में उतारा है, जिससे यहां मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। 2021 के चुनावों में मुरुगन ने धारापुरम से चुनाव लड़ा था, जहां वे द्रमुक की एन कायलविझी से 1,393 मतों से हार गए थे।

वर्ष 2021 के चुनाव में यहां से अन्नाद्रमुक के केपी धनपाल जीते थे

अविनाशी विधानसभा सीट से पारंपरिक रूप से अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के उम्मीदवार जीतते रहे हैं। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां से अन्नाद्रमुक केपी धनपाल जीते थे। धनपाल ने द्रमुक के राजू अथियामान को हराया था। धनपाल को 1,17,284 मत मिले थे जबकि राजू को 66,382 मतों से संतोष करना पड़ा था। 2016 में भी यहां से पी धनपाल ही जीते थे।

यह सीट 2001 के बाद से लगातार अन्नाद्रमुक के पास है। हालांकि, अन्नाद्रमुक के लोग इस बात से हैरान थे कि उनके पार्टी प्रमुख के पलानीस्वामी ने यह सीट भाजपा को दे दी, लेकिन उनका कहना है कि यह मौजूदा विधायक पी धनपाल को टिकट न देने की एक रणनीतिक चाल थी। धनपाल का पलानीस्वामी से मनमुटाव हो गया था और उन्होंने उनकी खुले तौर पर आलोचना भी की थी। उनके बेटे लोकेश तमिलसेल्वन टीवीके में शामिल हो गए और उन्हें रासीपुरम से उम्मीदवार बनाया गया है। इसके बावजूद, मुरुगन ने धनपाल से मुलाकात की और आने वाले विधानसभा चुनाव में उनका समर्थन मांगा।

द्रमुक ने इससे भी बड़ा निर्णय लिया और 28 वर्ष की युवा नेता डाक्टर वी गोकिलामणि को अनुभवी भाजपा नेता के मुकाबले खड़ा कर दिया। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस चुनाव के जरिए दोहरे संदेश देने की कोशिश की। द्रमुक इस बात पर जोर दे रही है कि गोकिलामणि ने 2009 में पार्टी के दिवंगत नेता एम करुणानिधि के मुख्यमंत्री रहते हुए अरुंधतियारों के लिए शुरू किए गए तीन फीसद आंतरिक आरक्षण के तहत एमबीबीएस की पढ़ाई की थी।

अन्नाद्रमुक के एक पदाधिकारी ने इस मुकाबले को द्रमुक और भाजपा के बीच ‘कड़ी टक्कर’ बताया। उन्होंने कहा कि मुरुगन के जीतने की संभावना तभी बढ़ेगी, जब द्रमुक-विरोधी मत टीवीके की वजह से न बंटें। टीवीके ने एस कमाली को मैदान में उतारा है, जबकि एनटीके ने मेनका को उम्मीदवार बनाया है।

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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सत्ता पक्ष व विपक्ष के तरफ से घोषित किए गए मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार ने विगत चुनाव में दो तिहाई मतों से जीत दर्ज की थी। दोनों उम्मीदवारों का अपनी सीट पर साल 2011 में हुए विधानसभा चुनाव से कब्जा है। इस बार फिर से दोनों अपने परंपरागत सीट से चुनावी मैदान में हैं। चुनावी आंकड़ों के अनुसार तमिलनाडु विपक्ष के अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआइएडीएमके) के नेतृत्व वाले गठबंधन के तरफ से घोषित किए गए मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार एडप्पादी के पलानीस्वामी सेलम जिले के एडप्पादी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। इस चुनाव में उनका मुकाबला द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (डीएमके) के उम्मीदवार कासी से होगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक