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ज्ञानवापी में फिर से विवादः ‘शिवलिंग’ की पूजा से रोका तो अन्न जल त्याग अपने मठ में बैठे अविमुक्तेश्वरानंद

अविमुक्तेश्वरानंद की दलील है कि वह बिना अन्न-जल ग्रहण किए पूजा अर्चना के लिए निकले थे और जब तक शिवलिंग का पूजन नहीं कर लेते तब तक वह अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे। हालांकि पुलिस को इस दलील से कोई फर्क नहीं पड़ रहा।

ज्ञानवापी में फिर से विवादः ‘शिवलिंग’ की पूजा से रोका तो अन्न जल त्याग अपने मठ में बैठे अविमुक्तेश्वरानंद
अविमुक्तेश्वरानंद जहां अनशन पर बैंठे हैं, वहीं भजन कीर्तन और हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया गया है। (Photo Credit – The Indian Express)

ज्ञानवापी मामले में अदालत का फैसला आना अभी बाकी है। वजूखाने में मिली आकृति शिवलिंग है या फव्वारा है, ये तय होना अभी बाकी है। लेकिन विद्या मठ के महंत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अदालत के निर्देशों और कानूनी प्रक्रियाओं को दरकिनार कर कथित शिवलिंग के पूजा-श्रंगार को उतारू हैं। दर्शन-पूजन की जबरदस्ती ऐसी कि अनशन पर बैठ गए हैं। फिलहाल पुलिस ने अविमुक्तेश्वरानंद को उनके मठ में ही नजरबंद कर दिया है। मठ में आने जाने वालों पर पुलिस कड़ी नजर बनाए हुए है।  

ताजा अपडेट ये है कि अविमुक्तेश्वरानंद जहां अनशन पर बैठे हैं, वहीं भजन कीर्तन और हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया गया है। अदालत के आदेशानुसार हुए वीडियोग्राफी सर्वे में दिखी आकृति की एक तस्वीर निकाल, उसके ऊपर फूल-माला चढ़ा दिया गया है। साथ ही अविमुक्तेश्वरानंद के सामने रामचरित मानस की एक प्रति और डमरू रखा गया है। कुछ दिन पहले ही अपने एक बयान में अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा था कि सनातन धर्म में तो एक ही देवता को माना गया है, वे शिव हैं। हालांकि अविमुक्तेश्वरानंद अभी खुद रामचरित मानस की प्रति रखकर हनुमान चालीसा के पाठ में जुटे हैं।

पुलिस क्यों नहीं करने दे रही पूजा?

अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार, शनिवार को अविमुक्तेश्वरानंद ज्ञानवापी मस्जिद के सील किए हुए वजूखाने में मिले कथित शिवलिंग की पूजा करने निकले। जानकारी मिलते ही वाराणसी पुलिस ने उन्हें मठ के गेट पर ही रोक लिया। पुलिस के हस्तक्षेप से नाराज अविमुक्तेश्वरानंद मठ के गेट पर ही धरना पर बैठ गए। अन्न जल त्याग दिया। उनकी दलील थी कि वह बिना अन्न-जल ग्रहण किए पूजा अर्चना के लिए निकले थे और जब तक शिवलिंग का पूजन नहीं कर लेते तब तक वह अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे। अन्न जल के त्याग की वजह से अविमुक्तेश्वरानंद के स्वास्थ्य में गिरावट आने की बात कही जा रही है। शुगर लेवल 44 पहुंच गया है। अविमुक्तेश्वरानंद डायबिटीज के मरीज बताए जा रहे। सेतह में आयी गिरावट से उनके शिष्यों और अनुयायी चिंतित हैं।

पुलिस को अविमुक्तेश्वरानंद की दलील से कोई फर्क नहीं पड़ रहा। वाराणसी काशी जोन के डीसीपी आरएस गौतम का साफ कहना है कि जहां पूजा करने की मांग हो रही है, उसे न्यायालय के आदेश के बाद सील किया जा चुका है। ऐसे में पूजा करने अनुमति नहीं दी जा सकती। साथ ही प्रशासन ये भी स्पष्ट कर दिया है कि जो भी आदेशों का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। 

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