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ऑडियो: नौ तारीख को आकर सबका हिसाब करो…नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने जारी की मायावती से बातचीत का टेप

बसपा से निष्कासित किए गए सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि मायावती पैसों की भूखी हैं

बहुजन समाजवादी पार्टी प्रमुख मायावती (File Photo)

बसपा से निष्कासित किए गए पार्टी सुप्रीमो मायावती के पुराने सिपहसलार नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने मायावती के साथ बातचीत का एक टेप जारी किया है। इस क्लिप में तथाकथित रूप से मायावती कह रही हैं, “आपने जितने लोगों को टिकट दिलवाया है उनका हिसाब अभी तक नहीं हुआ है।” सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि मायावती पैसों की भूखी हैं। सिद्दीकी ने ऑडियो क्लिपिंग दिखाते हुए कहा कि मायावती अक्सर पैसों की मांग करती रहती हैं। 10 मई को जारी किए गए इस ऑडियो टेप में बातचीत कुछ इस प्रकार है-

टेलीफोन ड्यूटी : बहिन जी बात करेंगी

नसीमुद्दीन : हां दे दीजिए

मायावती : हैलो

नसीमुद्दीन : जी बहिन जी आदेश

मायावती : हां भाई नोट करो तुम

ये जो चारो मंडल हैं ..ये मेरठ मंडल, सहारनपुर मंडल, ये मुरादाबाद, और बरेली मंडल

नसीमुद्दीन : जी बहिन जी

मायावती : तो जिनको आपने मेंबरशिप की किताबें दिलवाई हैं तो उनको बोलो अपना हिसाब इधर दफ्तर में जमा करें और नौ तारीख को उनको बुलाना

नसीमुद्दीन : ठीक है बहिन जी

मायावती : अपना हिसाब वो जो अमरपाल शर्मा वाली सीट वाला वो भी अपना हिसाब कंप्लीट करके लेकर आएं

नसीमुद्दीन : बहिन जी मैंने नहीं दिलवाई.. हरक सिंह राव थे, जिलाध्यक्ष थे सब लोग ने पीछे पड़कर दिलवाई

मायावती : चलो छोड़ो आप उनको बुलवाओ वो मुस्लिम समाज के लोग हैं आप अपनी जिम्मेवारी लो टिकट तो आपने दिलवाया था न

नसीमुद्दीन : बहिन जी टिकट भी मैं नहीं चाह रहा था आप पूछ लें

मायावती : चलो जो कुछ भी है आप अपनी जिम्मेवारी को निभाओ मतलब

नसीमुद्दीन : नहीं बहन जी भागकर कहां जाएंगे

मायावती : ये अच्छी बात नहीं है क्योंकि जो मैंने नए लोग लगाए हैं वो उनको कोआपरेट नहीं कर रहे हैं मैं एक्शन लूंगी इनके खिलाफ

नसीमुद्दीन : बहन जी जो आपका आदेश होगा

मायावती : मेरे से इधर ही आकर बात करना मेरे से बात नहीं करो टेलीफोन पर.. मेरा टेलीफोन टैप होता है

नसीमुद्दीन : ठीक है बहिन जी

मायावती : तो आप उनको 9 तारीख की शाम को चार बजे बुलवाओ

नसीमुद्दीन : मैं बुलाता हूं बहन जी

मायावती : रेजीडेंस पर बुलाओ सब अपना हिसाब किताब लेकर आएं

नसीमुद्दीन : मैं कहता हूं बहन जी

मायावती : हां..उनको बोलो.. क्योंकि हमें मेंबरशिप का राउंडअप करना है सारा हिसाब किताब, इधर लखनऊ लेकर आएं और दफ्तर में जमा कराएं और फिर मुझे हिसाब दें और 9 की शाम को चार बजे आप रहोगे

नसीमुद्दीन : मैं रहूंगा, मैं कर लेता हूं मुझे जाना है जहां वहां रोक देता हूं

मायावती : मुझे ये भी हिसाब राउंड अप करना है

नसीमुद्दीन : मैंने नहीं दिलवाई हैं मैं कैसे कहूं

मायावती : इधर रिकार्ड मैंने जो चेक किया है तो अब मेंबरशिप की किताबें ये गरीब और मजलूमों की पार्टी है तो हम उसका हिसाब जनता को देंगे तो ये ठीक नहीं है तो उनसे बोलों कि नौ तारीख की शाम चार बजे आएं आपका जो भी पर्सनल काम है चार बजे के बाद करना 10 तारीख की मीटिंग में रहने का है आप अपना प्रोग्राम बनाओ और नौ को फिर मुझे अपनी पूरी रिपोर्ट भी दो प्रोग्राम की ये चारो मंडल जिन-जिन को दिलवाएं हैं आपकी जिम्मेवारी है, आप वरिष्ठ आदमी थे

नसीमुद्दीन : मैं बुलाता हूं वो आपके सामने बात हो जाएगी

मायावती : बात वात नहीं मैं किसी के माध्यम से नहीं और खासतौर से जो मुस्लिम लोग हैं उनकी जिम्मेवारी टोटल आपकी होगी

नसीमुद्दीन : मैंने नहीं करवाया है

मायावती : चलो छोड़ो अभी जिम्मेवारी से, नहीं भी करवाया है तो अपनी जिम्मेवारी निभाओ। आप वरिष्ठ आदमी हैं.. आपकी मर्जी के बिना मैंने किसी का भी टिकट फाइनल नहीं किया था ये भी मानकर चलो और मैंने मेंबरशिप की किताबें उनको दी थीं कि आप मेंबर बनाओ तब मैं टिकट दूंगी कम से कम हमारी किताबें तो दें दे मेंबरशिप की कटी हुई

नसीमुद्दीन : बुलकार भाई ने बात की है सब लोगों ने बात की है

मायावती : आप वरिष्ठ आदमी हैं इतने साल से देखते रहे हैं इन लोगों का असर नहीं होगा आप वरिष्ठ आदमी थे जिस समाज से ताल्लुक रखते हैं उस समाज के लोगों को मेंबर बनाएं नहीं तो ये न हो कि सिर्फ दलितों को वोट पड़कर रह जाए। आप उनसे बात करो और अपना वो हिसाब किताब लेकर आएं मैं फिर बात करती हूं जो आपका काम है उसमें तेजी करो डिले हो रहा है ये ठीक नहीं है और उसी दिन फिर मैं बात करती हूं।

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