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यूपी विधानसभा: हर जगह बिखरे पड़े थे पान मसाले के पैकेट, विस्फोटक मिलने के बाद जांच के लिए गई थी ATS

उत्तर प्रदेश के आंतक विरोधी दस्ते (एटीएस) ने शुक्रवार (14 जुलाई) को यूपी विधानसभा में तलाशी अभियान चलाया था।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ।(फोटो: PTI)

उत्तर प्रदेश के आंतक विरोधी दस्ते (एटीएस) ने शुक्रवार (14 जुलाई) को यूपी विधानसभा में तलाशी अभियान चलाया था। वहां से उनको पान मसाले के कई खाली पैकेट मिले। एटीएस के एसपी पी चौधरी ने बताया कि उनकी टीम ने 14 जुलाई को अभियान चलाया था। उसमें कई जगहों से पान मसाले के पैकेट आदि मिले। इसके अलावा एक मीडिया रिपोर्ट में मैगनेशियम सलफेट जैसी चीज मिलने का दावा किया था। उसको भी एटीएस ने जब्त कर लिया है। पी चौधरी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर उसको जांच के लिए भी भेजा जाएगा। पी चौधरी ने बताया कि सिक्योरिटी प्लान के हिसाब से उन्होंने हर इलाके की तलाशी ली। उन्होंने यह भी कहा कि एटीएस हर हालात से निपटने के लिए तैयार है। फिलहाल बिना पास के किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं है।

पी चौधरी ने आगे कहा कि जब गृह मंत्रालय की तरफ से जांच का आदेश मिलेगा तो वे लोग हर एंगल से जांच करने की कोशिश करेंगे। बता दें कि इससे पहले यूपी विधानसभा से पीईटीएन (पेंटाएरीथ्रिटाल टेट्रा नाइट्रेट) मिला था।

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नेता प्रतिपक्ष राम गोविन्द चौधरी की सीट के निकट करीब डेढ सौ ग्राम पाउडर एक कागज में लिपटा पाया गया था। यह जगह विधानसभा अध्यक्ष के आसन के एकदम नजदीक है। वह खतरनाक पदार्थ है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस विस्फोटक की 500 ग्राम मात्रा सदन को उड़ाने के लिए काफी है।

पीईटीएन खतरनाक प्लास्टिक विस्फोटकों में शुमार किया जाता है जो काला बाजार में उपलब्ध है। यह नाइट्रोग्लिसरीन की ही तरह होता है। आतंकवादी समूह इस विस्फोटक का बहुतायत में इस्तेमाल करते हैं क्योंकि यह रंगहीन क्रिस्टल आकार में होता है और इसका आसानी से पता नहीं लगाया जा सकता।

अधिकांश विस्फोटक डिटेक्टर के रूप में मेटल डिटेक्टर का इस्तेमाल होता है लेकिन पीईटीएन को सीलबंद डिब्बे में रखा जा सकता है। इसे किसी बिजली के उपकरण के बीच भी रखा जा सकता है। इसे सुरक्षा जांच में आसानी से छिपाकर ले जाया जा सकता है।

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