दिल्ली सरकार ने अटल कैंटीन योजना में एक बड़ा और सख्त बदलाव किया है। अब कोई भी व्यक्ति एक ही दिन में बार-बार रियायती भोजन नहीं ले सकेगा। इसी को रोकने के लिए सरकार ने सभी अटल कैंटीन में रेटिना-स्कैनिंग कैमरे लगवाए हैं। सरकार का साफ कहना है कि सस्ता और पौष्टिक खाना ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे, इसलिए यह कदम जरूरी था।
दरअसल, शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग एक ही दिन में अलग-अलग अटल कैंटीन से कई बार खाना ले रहे हैं। इससे कई जरूरतमंद लोगों को भोजन नहीं मिल पा रहा था। अब नई व्यवस्था के तहत जब कोई व्यक्ति भोजन का कूपन खरीदेगा, तो उसका रेटिना स्कैन किया जाएगा। यह जानकारी दिल्ली की सभी अटल कैंटीन से जुड़ी एक केंद्रीय प्रणाली में दर्ज हो जाएगी।
अगर कोई व्यक्ति दिन में एक अटल कैंटीन से दोपहर का खाना ले चुका है, तो वह उसी दिन किसी दूसरी कैंटीन से दोबारा दोपहर का खाना नहीं खरीद पाएगा। सिस्टम खुद ही उसे रोक देगा। हालांकि सरकार ने यह साफ किया है कि व्यक्ति उसी दिन रात का खाना ले सकता है और अगले दिन फिर से दोपहर का भोजन भी कर सकता है। यानी रोक सिर्फ बार-बार एक ही समय का खाना लेने पर है।
फिलहाल दिल्ली में 86 अटल कैंटीन चल रही हैं और सरकार इस साल 16 नई कैंटीन खोलने की तैयारी में है। पहले ज्यादातर कैंटीन झुग्गी-झोपड़ी इलाकों के पास खोली गई थीं, लेकिन अब अस्पतालों और विश्वविद्यालयों के आसपास कैंटीन खोलने की योजना है। इसका मकसद मरीजों, उनके साथ आए लोगों और छात्रों को सस्ता खाना उपलब्ध कराना है।
अटल कैंटीन योजना की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर हुई थी। योजना को लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला। सिर्फ दो दिनों में 33 हजार से ज्यादा लोगों ने 5 रुपये में भोजन किया था। एक थाली में दो रोटियां, दाल, चावल, सूखी सब्जी और अचार दिया जाता है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मार्च 2025 के बजट में 100 अटल कैंटीन खोलने की घोषणा की थी, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। सरकार का दावा है कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी कैंटीन में सीसीटीवी, डिजिटल टोकन, आरओ पानी और रियल-टाइम निगरानी की व्यवस्था की गई है। सरकार का मानना है कि बार-बार खाना लेने पर रोक लगने से अब सच में जरूरतमंद लोगों को समय पर भोजन मिल सकेगा और योजना का असली मकसद पूरा होगा।
