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39,000 हजार रुपये किलो बिकती है असम की ये चाय, बना दिया वर्ल्‍ड रिकॉर्ड

चाय की इस खास वैरायटी को पैदा करने वाली मनोहारी टी एस्टेट के मालिक का कहना है कि इस चाय की पत्तियां गोल्ड क्रिस्टल की तरह दिखती हैं और यह कला का एक बेहतरीन नमूना है।

Author July 30, 2018 7:27 AM
मनोहारी गोल्ड स्पेशलिटी टी

अभिषेक साहा

चाय भारत में लोगों की दिनचर्या का अहम हिस्सा है। असम के बागानों की चाय अपनी खुशबू और जायके के लिए खासतौर पर पसंद की जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि असम में एक खास किस्म की चाय पायी जाती है, जिसकी कीमत 39,001 रुपए प्रतिकिलो तक है। इतना ही नहीं इस चाय ने अपनी कीमत से वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बना दिया है। इस चाय का उत्पादन मनोहारी टी एस्टेट, डिब्रूगढ़ द्वारा किया जाता है। हाल ही में इस चाय को, जिसे ‘मनोहारी गोल्ड स्पेशलिटी टी’ का नाम दिया गया है, ऑक्शन के जरिए गुवाहटी के सौरभ टी ट्रेडर्स को 39001 रुपए प्रतिकिलो की दर से बेचा गया है।

चाय की इस खास वैरायटी को पैदा करने वाली मनोहारी टी एस्टेट के मालिक का कहना है कि इस चाय की पत्तियां गोल्ड क्रिस्टल की तरह दिखती हैं और यह कला का एक बेहतरीन नमूना है। राजन लोहिया की गाइडेंस में इस चाय का उत्पादन किया गया है। राजन लोहिया का कहना है कि इस चाय का एक दिन में सिर्फ 50 ग्राम तक ही उत्पादन होता है। इस चाय को बहुत ही सावधानी से सुबह-सुबह तोड़े गए बीजों से तैयार किया जाता है। चाय की इस खास किस्म को खरीदने वाले सौरभ ट्रेडर्स का कहना है कि उन्होंने फिलहाल 2 किलो चाय खरीदी है, जिसमें से 1 किलो अहमदाबाद के एक बुटीक में भेजी जाएगी, वहीं दूसरी 1 किलो चाय एक कॉरपोरेट ग्राहक को भेजी जाएगी। सौरभ ट्रेडर्स के मालिक एमएल माहेश्वरी का कहना है कि यह चाय बेहद दुर्लभ किस्म की है और लोगों ने कभी ऐसी चाय नहीं देखी होगी।

गौरतलब है कि इस चाय को गुवाहटी टी ऑक्शन के जरिए नीलामी के तहत बेचा गया है। दरअसल ऑक्शन में कई टी ब्रोकर भी हिस्सा लेते हैं, जो चाय को टेस्ट कर उसकी कीमत का सही आकलन कर सकते हैं। कई टी ब्रोकर्स टी बोर्ड द्वारा सर्टिफाइड भी होते हैं। भारत में 6 टी ऑक्शन सेंटर हैं, जिनमें कोलकाता, गुवाहटी, सिलीगुड़ी, कोच्ची, कोयंबटूर और कुन्नूर शामिल हैं। बता दें कि भारत के कुल चाय उत्पादन में असम का हिस्सा 55 प्रतिशत है। असम के चाय उत्पादक मानते हैं कि मनोहारी गोल्ड स्पेशलिटी टी को मिली ऊंची कीमत के बाद और भी कई चाय उत्पादक अच्छी क्वालिटी की चाय का उत्पादन करने के लिए प्रेरित होंगे।

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