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दो ट्रेन के टॉयलेट में महिलाओं के शव, एक ही तरीके से हत्या, सीरियल किलिंग की आशंका से सनसनी

पूर्वोत्तर राज्य असम के एक ही रेलमार्ग पर चलने वाली दो ट्रेनों के टॉयलेट से दो महिलाओं के शव बरामद किए गए हैं। सीरियल किलिंग की आशंका को देखते हुए मामले की छानबीन के लिए असम के पुलिस महानिदेशक कुलाधर सैकिया ने एसआईटी गठित करने का आदेश दिया है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए राज्य भर में 11 क्विक रिस्पांस टीम को लगाया गया है।

इंडियन रेलवे (प्रतीकात्मक तस्वीर/एक्सप्रेस फाइल फोटो)

असम में दिल दहलाने वाली हत्या की दो घटनाएं सामने आई हैं। दोनों मामलों में पीड़ितों की समान तरीके से हत्या की गई है। दोनों पीड़ित महिला हैं और उनके शव दो अलग-अलग ट्रेनों के टॉयलेट से बरामद किए गए हैं। हत्या के तौर-तरीकों में समानता को देखते हुए इसके पीछे सीरियल किलर का हाथ होने की आशंका जताई गई है। ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ के अनुसार, दोनों वारदात को असम के एक ही रेल मार्ग पर अंजाम दिया गया है। असम के पुलिस महानिदेशक कुलाधर सैकिया ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित किए हैं। विशेष पुलिस महानिदेशक (रेलवे) आर. चंद्रनाथन ने बताया कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए राज्य भर में 11 क्विक रिस्पांस टीम को लगाया गया है। उन्होंने कहा, ‘दो लोगों की हत्या कर दी गई है और दोनों मामलों में समानताएं पाई गई हैं। हत्यारों को गिरफ्तार करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।’ हत्या की दोनों घटनाओं को 36 घंटों में अंजाम दिया गया है, जिससे इसके पीछे समान व्यक्ति के होने की आशंका जताई जा रही है। पहली घटना मंगलवार (10 जुलाई) की है। असम कृषि विश्वविद्यालय की एक 21 वर्षीय छात्रा शिवसागर में न्यू तिनसुकिया-रंगिया एक्सप्रेस में दिव्यांगों के लिए आरक्षित डिब्बे में सवार हुई थी। वह अपने चाचा से मिलने के लिए गोलाघाट जा रही थी। ट्रेन में सवार होने के तकरीबन 20 मिनट बाद ही सिमालुगुरी में एक सफाईकर्मी को ट्रेन के टॉयलेट में उनका शव मिला था। पीड़ता की मां ने बताया कि उसके पास 10 हजार रुपये थे। रेलवे के एक पुलिस अधिकारी ने गले पर निशान मिलने की बात कही है। ऐसे में गला दबा कर हत्या करने की आशंका जताई जा रही है।

ट्रेन में हत्या की दूसरी घटना 11 जुलाई की है। पुलिस ने बताया कि एक 48 वर्षीय महिला का शव अवध-असम एक्सप्रेस के टॉयलेट से बरामद किया गया। इस मामले में भी महिला दिव्यांगों के लिए आरक्षित बोगी में सवार हुई थी। उनका शव जोरहट के मरियानी जंक्शन पर बुधवार को दोपहर बाद तकरीबन 2.15 बजे बरामद किया गया था। पीड़िता बिहार जाने के लिए ऊपरी असम के डिब्रूगढ़ में सुबह 9.36 बजे ट्रेन में सवार हुई थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक रेल यात्री ने सबसे पहले उनके शव को देखा था। एक घंटा से भी पहले उनकी हत्या करने की आशंका जताई गई है। पीड़िता डिब्रूगढ़ में ही अपने परिवार के साथ रहती हैं।

दोनों घटनाओं में समानता: पुलिस ने हत्या की दोनों घटनाओं में टॉयलेट से गमछा बरामद किया है। इसके अलावा दोनों पीड़िता हिंदी भाषी राज्य बिहार की रहने वाली थीं। पुलिस को शक है कि हिंदी भाषी लोगों को भड़काने की नीयत से भी इस घटना को अंजाम दिया गया होगा। अधिकारियों ने संदेह जताया है कि हत्यारा द्वारा घटनास्थल पर गमछा छोड़ना संदेश देने का तरीका हो सकता है। सिमालुगुरी से मरियानी जंक्शन से तकरीबन 54 किलोमीटर दूर स्थित है। इन दोनों ही रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं।

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